बिलासपुर में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि पूरा शहर कुछ घंटों के भीतर ही अस्त-व्यस्त हो गया। 5 मई की शाम करीब 6:30 बजे तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया। तेज आंधी और बारिश के कारण शहर में कई जगह भारी नुकसान हुआ और सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
तेज हवाओं की वजह से शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नेहरू चौक पर खड़ी एक इनोवा कार पर एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
बिजली व्यवस्था चरमराई, नौ घंटे तक ब्लैकआउट
आंधी के दौरान बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। तेज हवाओं से कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए और बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते पूरे बिलासपुर शहर में करीब नौ घंटे तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। शहर के कई मोहल्लों और कॉलोनियों में देर रात तक अंधेरा छाया रहा, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई।
जल आपूर्ति बाधित, लोगों में नाराजगी
बिजली आपूर्ति बंद होने का असर जल आपूर्ति पर भी पड़ा। कई इलाकों में पानी की सप्लाई रुक गई, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा। स्थिति सामान्य न होने पर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। सरकंडा क्षेत्र के चिंगरापारा में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था और भी प्रभावित हो गई।
होर्डिंग्स और बैनर हवा में उड़कर बने खतरा
तूफान के दौरान शहर भर में लगे होर्डिंग्स, फ्लेक्स और बैनर भी हवा में उड़कर बिजली तारों और सड़कों पर गिर गए। इससे कई जगहों पर खतरे की स्थिति बन गई। बिजली विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पेड़ों और बिजली लाइनों को हुए व्यापक नुकसान के कारण शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई।
नगर निगम और बिजली विभाग की रातभर मशक्कत
स्थिति को सामान्य करने के लिए नगर निगम की टीमें रातभर सक्रिय रहीं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने का काम लगातार जारी रहा। बिजली विभाग की टीमें भी मरम्मत कार्य में जुटी रहीं, लेकिन नुकसान अधिक होने के कारण व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी।
बिजली बहाली में देरी की आशंका, लोग परेशान
अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारू हो पाएगी। अनुमान लगाया गया है कि कुछ इलाकों में बिजली बहाल होने में बुधवार तक का समय लग सकता है। बिजली बंद रहने के कारण पानी की समस्या भी बनी रही और लोग दिनभर बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होते रहे।
