कोलता समाज आंचलिक सभा सरायपाली के तत्वावधान में ग्राम दर्राभांठा (शाखा सभा झिलमिला) में भव्य सम्मान समारोह सह चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्री रणेश्वर बाबा मंदिर एवं मां रामचंडी मंदिर गढ़फुलझर की प्राण-प्रतिष्ठा हेतु निकाली गई पूजा रथ यात्रा में ग्रामवासियों द्वारा किए गए विशेष सहयोग के सम्मान में आयोजित किया गया।
आंचलिक सभा सरायपाली के प्रतिनिधिमंडल ने कुल कार्यकारणी अध्यक्ष गिरधारी साहू के नेतृत्व में ग्राम दर्राभांठा पहुंचकर जाति भाईयों, माताओं-बहनों को श्री रणेश्वर बाबा एवं मां रामचंडी के तैल चित्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान ग्रामवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कलश से पाद प्रक्षालन, तिलक-चंदन लगाकर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा
कार्यक्रम के अंतर्गत बस्ती के बीच चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सभा को संबोधित करते हुए कुल कार्यकारणी अध्यक्ष गिरधारी साहू ने मां रामचंडी एवं श्री रणेश्वर बाबा मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्राम दर्राभांठा के लोगों द्वारा बनाए गए विशाल जुगार की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लाई को जोड़कर विशाल जुगार तैयार किया गया, उसी तरह समाज को भी एकजुट होकर आगे बढ़ाना होगा।
सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नंदकिशोर भोई, युवा प्रकोष्ठ संभागीय अध्यक्ष राजेश प्रधान तथा शाखा सभा झिलमिला के सभापति सुरेन्द्र साहू ने भी अपने विचार रखे और समाज की एकता व संगठन पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि 22 मार्च को सरायपाली में आयोजित पूजा रथ यात्रा में ग्राम दर्राभांठा के ग्रामीणों द्वारा 66 खंडी लाई और 125 किलो गुड़ से विशाल जुगार का निर्माण कर मां रामचंडी एवं श्री रणेश्वर बाबा को भेंट किया गया था। इस निर्माण में गांव के 41 परिवारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसमें प्रत्येक परिवार ने 23-23 ताम्बी लाई एवं दो-दो किलो गुड़ का योगदान दिया, जबकि शेष सामग्री सामूहिक रूप से क्रय की गई।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य किशोर कुमार भोई, दिलीप भोई, भूपेन्द्र भोई, रामलाल साहू, अश्विनी बारीक, नेपाल बिसी, चक्रधर प्रधान एवं दुबराज प्रधान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ललित कुमार साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जयंत बारीक ने किया। इस आयोजन की जानकारी कमलेश साहू द्वारा दी गई।

