राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य और केंद्र की “डबल इंजन” सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गांवों का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब स्थानीय जनप्रतिनिधि सक्रिय और जिम्मेदार होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने में पंचायतों की भूमिका सबसे अहम है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
करियर की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप
मुख्यमंत्री साय ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी अपने करियर की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी। उन्होंने पंच और सरपंच के रूप में काम करते हुए गांव के विकास से जुड़े जो अनुभव हासिल किए, वही उनके आगे के सार्वजनिक जीवन में उपयोगी साबित हुए। उन्होंने कहा कि देश में कई बड़े नेता पंचायत स्तर से ही आगे बढ़कर उच्च पदों तक पहुंचे हैं, जो इस व्यवस्था की ताकत को दर्शाता है।
हुआ है उल्लेखनीय सुधार
उन्होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले प्रतिनिधि ही वास्तविक समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था मजबूती
इसके साथ ही अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी सदन का निर्माण भी किया जा रहा है, जिनसे उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने की अपील करते हुए कहा कि सभी योजनाएं गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
हो रहा समस्याओं का समाधान
उन्होंने सुशासन तिहार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से गांव-गांव में शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों में सरचार्ज माफी और अतिरिक्त रियायत दी जा रही है, जिसका अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को दिलाने का आह्वान उन्होंने प्रतिनिधियों से किया।
स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विभिन्न प्रोजेक्ट्स और मेगा स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया।
उन्होंने महिलाओं के आजीविका संवर्धन के प्रयासों की सराहना की और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र एवं राशि वितरित की। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और पंचायत स्तर के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

