पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदलते हुए 'भगवा लहर' का संकेत दिया है। मतगणना के अंतिम चरणों के बीच आए रुझानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल में सत्ता की चाबी अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथों में जाने वाली है।
बहुमत के आंकड़े से बहुत आगे निकली भाजपा
ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 181 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है, जो कि सरकार बनाने के लिए आवश्यक 148 के जादुई आंकड़े से कहीं अधिक है। यह प्रदर्शन भाजपा के लिए एक बड़ी ऐतिहासिक छलांग मानी जा रही है, जिसने पिछले चुनाव के मुकाबले अपनी सीटों में जबरदस्त इजाफा किया है।
टीएमसी के गढ़ में सेंध
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) फिलहाल 89 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। हालांकि पार्टी ने कई क्षेत्रों में कड़ी टक्कर दी है, लेकिन सत्ता विरोधी लहर और भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार ने टीएमसी के 'किले' को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। याद दिला दें कि 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 215 सीटें जीतकर एकतरफा सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार रुझान उसके ठीक विपरीत नजर आ रहे हैं।
विपक्ष की स्थिति और अन्य दल
अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो कांग्रेस और वामपंथी दलों का प्रदर्शन इस बार भी निराशाजनक रहा है।
कांग्रेस: 2 सीटों पर बढ़त।
सीपीएम (CPIM): मात्र 1 सीट पर आगे।
आगामी कदम
यद्यपि कुछ सीटों पर अभी भी मतगणना जारी है और आधिकारिक घोषणा होना शेष है, लेकिन भाजपा खेमे में जश्न का माहौल शुरू हो चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी। 2021 में महज 77 सीटें जीतने वाली भाजपा का 181 तक पहुंचना राज्य के मतदाताओं के बदलते मिजाज को साफ दर्शाता है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।
