मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के दावों के बीच रीवा एयरपोर्ट से भारी अव्यवस्था और लापरवाही की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एलायंस एयर (Alliance Air) की कार्यप्रणाली ने न केवल यात्रियों के सफर के उत्साह को फीका कर दिया, बल्कि एयरपोर्ट प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली जाने वाले दर्जनों यात्रियों को उस वक्त तगड़ा झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि जिस विमान का उन्होंने टिकट लिया था, वह आया ही नहीं।
पूरा मामला: जब 'ओवरबुकिंग' और 'छोटा विमान' बना जी का जंजाल
जानकारी के अनुसार, एलायंस एयर ने रीवा से दिल्ली की उड़ान के लिए 72 सीटों वाले विमान की बुकिंग स्वीकार की थी। दर्जनों यात्रियों ने समय रहते टिकट बुक किए और अपनी यात्रा की योजना बनाई। लेकिन जब उड़ान का समय आया, तो एयरपोर्ट पर 72 सीटों के बजाय मात्र 48 सीटों वाला छोटा विमान उतार दिया गया।
विमान की क्षमता कम होने के कारण लगभग 24 यात्रियों का सफर अधर में लटक गया। इनमें से कई यात्री जरूरी काम और इमरजेंसी के सिलसिले में दिल्ली जा रहे थे, जिन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया।
यात्री की आपबीती: "टिकट हाथ में था, फिर भी सफर से रोका"
इस अव्यवस्था का शिकार हुई अमरपाटन निवासी एक युवती का दर्द सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए छलक पड़ा। युवती ने बताया कि उसने दिल्ली जाने के लिए काफी समय पहले टिकट बुक किया था और वह निर्धारित समय से दो घंटे पहले ही एयरपोर्ट पहुंच गई थी।
"जब मैं बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो अधिकारियों ने यह कहकर रोक दिया कि मेरे नाम का कोई टिकट लिस्ट में नहीं है। यह सिर्फ मेरे साथ नहीं, बल्कि कई अन्य यात्रियों के साथ भी हुआ। एयरलाइन ने जानबूझकर छोटी फ्लाइट भेजी और यात्रियों को परेशानी में डाल दिया।"
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी और यात्रियों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन ने लालच में आकर सीटों की बुकिंग तो ज्यादा कर ली, लेकिन संचालन के समय हाथ खड़े कर दिए।
उठते सवाल और प्रबंधन की चुप्पी
इस घटना ने रीवा एयरपोर्ट के प्रशासन और एलायंस एयर की विश्वसनीयता पर गहरा दाग लगा दिया है। सवाल यह उठता है कि:
अगर विमान छोटा भेजना था, तो अतिरिक्त 24 यात्रियों को पहले सूचित क्यों नहीं किया गया?
यात्रियों को हुए मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
क्या तकनीकी कारणों की आड़ में यात्रियों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है?
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर एयरपोर्ट प्रबंधन या एयरलाइन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफीनामा सामने नहीं आया है। लेकिन इस घटना ने रीवा से हवाई यात्रा करने वाले लोगों के मन में असुरक्षा और अनिश्चितता का भाव पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
