पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद राज्य में राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। चुनावी गड़बड़ियों और धांधली की लगातार मिल रही शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान (Re-polling) कराने का आदेश दिया है। आज शनिवार, 2 मई 2026 को सुबह से ही इन केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग का सख्त कदम
चुनाव आयोग ने यह महत्वपूर्ण निर्णय जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया है। आयोग के अनुसार, दूसरे चरण के दौरान इन केंद्रों से अनियमितताओं की पुख्ता जानकारी मिली थी। विशेष रूप से सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों और जमीनी रिपोर्टों के आधार पर चुनाव रद्द कर दोबारा वोटिंग का फैसला किया गया।
किन सीटों पर हो रहा है मतदान?
पुनर्मतदान मुख्य रूप से दक्षिण 24 परगना की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर केंद्रित है:
मगरहाट पश्चिम: यहाँ के 11 बूथों पर दोबारा वोटिंग हो रही है।
डायमंड हार्बर: यहाँ के 4 बूथों पर फिर से मतदान कराया जा रहा है।
तनावपूर्ण स्थिति और पिछले अनुभवों को देखते हुए, चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है और हजारों जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
मतदाताओं में भारी उत्साह
तनाव और कड़वाहट के बीच राहत की बात यह है कि लोकतंत्र के इस उत्सव में मतदाताओं का जोश कम नहीं हुआ है। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। जिला निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और शांतिपूर्ण रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अपने वोट की कीमत समझते हैं और निष्पक्ष चुनाव के लिए दोबारा लाइन में लगने को तैयार हैं।
सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया: 'दायरा और बढ़ना चाहिए था'
इस पुनर्मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आयोग के फैसले का आंशिक स्वागत किया है। उन्होंने कहा:
"मगरहाट पश्चिम में दोबारा मतदान का फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, हमारा मानना है कि डायमंड हार्बर और फाल्टा के पूरे क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई थी, इसलिए वहां और अधिक बूथों पर पुनर्मतदान होना चाहिए था। फिर भी, हम संवैधानिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग के निर्णय का सम्मान करते हैं।"
फिलहाल, सभी की नजरें इन 15 बूथों के परिणाम और मतदान प्रतिशत पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल चुनावी जंग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
