अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल 103 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल का दाम भी बढ़कर लगभग 96.55 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कीमतों में अचानक हुए इजाफे के बाद राजधानी के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जानकारी के मुताबिक रायपुर में पहले पेट्रोल की कीमत करीब 100.45 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 103 रुपए से ऊपर पहुंच गई है। वहीं डीजल 93.39 रुपए से बढ़कर लगभग 96.55 रुपए प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार कीमत बढ़ने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग टैंक फुल कराने पहुंचे।
ट्रांसपोर्ट महंगा, रोजमर्रा की चीजों पर भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जी, दूध, राशन, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आ सकती है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि लंबे रूट पर माल ढुलाई की लागत बढ़ने से किराए में बढ़ोतरी लगभग तय है।
आर्थिक जानकारों के मुताबिक ईंधन महंगा होने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन के किराए में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
खाड़ी संकट का असर भारत तक
बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजार में दिखाई दे रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण भारत समेत कई देशों में पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो रहे हैं।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
पीएम मोदी ने की कम इस्तेमाल की अपील
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन और ई-व्हीकल अपनाने का आग्रह किया है ताकि देश पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव कम हो सके।
प्रधानमंत्री की अपील का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि कई मंत्री और विधायक अब ई-व्हीकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं सरकारी काफिलों में भी वाहनों की संख्या कम की जा रही है।
लोगों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग बढ़ती महंगाई को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पहले से महंगे घरेलू खर्च के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ना आम परिवारों के बजट को और बिगाड़ देगा।

