राजधानी रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आगामी एकदिवसीय विशेष विधानसभा सत्र को लेकर आक्रामक रणनीति बनाई गई है। इस बैठक में न केवल सदन के भीतर सरकार को घेरने की योजना बनी, बल्कि महिला सुरक्षा और आरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा को चुनौती देने का संकल्प भी लिया गया।
सदन में गूंजेगी विपक्ष की आवाज: निंदा प्रस्ताव की तैयारी
बैठक के समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस सत्र को महज औपचारिक नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक में विभिन्न जनहित के मुद्दों पर गहन मंथन किया गया है।
"हमने विशेष रूप से निंदा प्रस्ताव लाने पर विचार-विमर्श किया है। प्रदेश की वर्तमान स्थिति और सरकार की विफलताओं को सदन में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। विपक्ष पूरी मजबूती के साथ जनता की आवाज बनेगा।"
महिला सुरक्षा और आरक्षण बनेगा मुख्य हथियार
बैठक में सबसे अधिक ध्यान महिलाओं से जुड़े विषयों पर दिया गया। डॉ. महंत ने जोर देकर कहा कि चूंकि यह सत्र विशेष रूप से महिला मुद्दों को लेकर चर्चा में है, इसलिए कांग्रेस महिला आरक्षण, सुरक्षा और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को प्रमुखता से उठाएगी। महिला विधायकों के साथ हुई चर्चा के आधार पर पार्टी ने तय किया है कि वह सदन में सरकार से जवाबदेही मांगेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा, "सरकार ने महिला सत्र बुलाया है, तो हम भी उन्हें बताएंगे कि प्रदेश की महिलाएं आज कितनी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कल का दिन भाजपा के लिए भारी पड़ने वाला है।"
राष्ट्रीय राजनीति और चुनावों पर बड़ा दावा
सत्र की रणनीति के साथ-साथ दीपक बैज ने अन्य राज्यों में हो रहे चुनावों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है। बैज ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों और बलों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इन हथकंडों का जवाब अपने वोट से देगी।
मुख्य चुनावी दावे:
पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार बनाने में विफल रहेगी।
दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु में कांग्रेस गठबंधन को बड़ी सफलता मिलेगी।
एग्जिट पोल: बैज ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि हमें 4 तारीख के वास्तविक परिणामों का इंतजार करना चाहिए।
कांग्रेस की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि आगामी विधानसभा सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। एक तरफ जहां सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस 'महिला कार्ड' और 'निंदा प्रस्ताव' के जरिए सरकार की घेराबंदी करने को तैयार है।
