भारतीय महिला क्रिकेट टीम और साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम के बीच खेले गए पांचवें और आखिरी टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 23 रन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ अफ्रीका महिला टीम ने सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। बेनोनी में खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने शानदार नाबाद 92 रन की पारी खेलकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया।
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 155 रन बनाए। शुरुआत में टीम की रनगति सामान्य रही, लेकिन वोल्वार्ट ने अपनी पारी को संभालते हुए अंत में तेजी से रन जोड़ते हुए टीम को एक बड़े स्कोर तक पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में संयम के साथ आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
लौरा वोल्वार्ट के सामने झुके भारतीय गेंदबाज
भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश जरूर की। दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ने अहम विकेट लेकर विपक्षी मिडिल ऑर्डर को दबाव में डाला, लेकिन डेथ ओवर्स में वोल्वार्ट की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने वे ज्यादा असरदार साबित नहीं हो सके।
भारत का ख़राब प्रदर्शन
156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और टॉप ऑर्डर जल्दी आउट हो गया। शुरुआती झटकों के बाद टीम पर दबाव बढ़ता गया। मध्यक्रम में भारती फुलमाली ने 40 रन बनाकर संघर्ष किया, जबकि ऋचा घोष 25 रन बनाकर नाबाद रहीं, लेकिन अन्य बल्लेबाजों से सहयोग नहीं मिला और टीम 20 ओवर में 132 रन ही बना सकी। इस पूरी सीरीज में लौरा वोल्वार्ट का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। उन्होंने 5 मैचों में 330 रन बनाकर द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी निरंतरता और कप्तानी ने साउथ अफ्रीका को हर मैच में बढ़त दिलाई।
भारतीय टीम को कड़ी मेहनत आवश्यकता
यह सीरीज भारतीय टीम के लिए एक चेतावनी की तरह रही, जिसमें बल्लेबाजी की अस्थिरता, पावरप्ले में विकेट लेने में नाकामी और फील्डिंग की कमजोरियां खुलकर सामने आईं। हालांकि दीप्ति शर्मा की फॉर्म में वापसी जैसे कुछ सकारात्मक संकेत भी टीम के लिए राहत देने वाले रहे। आने वाले मुकाबलों से पहले भारतीय टीम को इन कमियों पर तेजी से काम करने की जरूरत होगी।

