जिले में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर बेलसोंडा में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
ओवरब्रिज निर्माण के लिए 52.29 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति 30 जुलाई 2024 को प्राप्त हुई थी। परियोजना के तहत 1.23 किलोमीटर लंबाई वाले इस टू-लेन ओवरब्रिज का निर्माण निर्धारित समयसीमा में प्रगति पर है।
इस परियोजना में रेलवे क्रॉसिंग पर 72 मीटर स्पान के बो स्ट्रिंग गर्डर का फेब्रिकेशन और लॉन्चिंग कार्य जारी है। कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देशानुसार निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और अब तक लगभग 50 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है। फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि आरई वॉल और सुपर-स्ट्रक्चर का कार्य वर्तमान में जारी है। इस परियोजना को नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उक्त रेलवे क्रॉसिंग से प्रतिदिन लगभग 80 से 100 पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे फाटक पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ओवरब्रिज के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा और आमजन का समय बचेगा।
ओवरब्रिज के पूर्ण होने से क्षेत्र में सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे महासमुंद जिले के निवासियों को यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
महासमुंद जिला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इस महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजना के पूरा होने से जिले के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्य बिंदु:
- इस टू-लेन ओवरब्रिज की लंबाई 1.23 किलोमीटर है।
- परियोजना के लिए 52.29 करोड़ रुपए की स्वीकृति 30 जुलाई 2024 को दी गई।
- रेलवे क्रॉसिंग पर 72 मीटर स्पान के बो स्ट्रिंग गर्डर का फेब्रिकेशन और लॉन्चिंग प्रगति पर है।
- फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर का काम पूरा, जबकि आरई वॉल और सुपर-स्ट्रक्चर का कार्य जारी है।
- निर्माण में अब तक लगभग 50% भौतिक प्रगति हो चुकी है।
- परियोजना का लक्ष्य नवंबर 2026 तक पूरा करना है।
महत्व और लाभ:
- वर्तमान में इस रेलवे क्रॉसिंग से प्रति दिन 80–100 पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ओवरब्रिज से यह समस्या स्थायी रूप से समाप्त होगी।
- ओवरब्रिज के पूरा होने से महासमुंद जिले में सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
- यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिलने के साथ सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
- जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के साथ-साथ अधोसंरचना परियोजना जिले के विकास को और मजबूती देगी।
