छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ राजनीति के गलियारों में सक्रिय एक चेहरा अब सलाखों के पीछे है। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी को पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब रवि अपनी शादी के कार्ड बांटने में व्यस्त था।
कवर्धा के कवर्धा जिला किसान कांग्रेस संघ के अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी की 7 मई को शादी होने वाली थी। घर में खुशियों का माहौल था और रवि खुद रायपुर में अपने करीबियों को शादी का निमंत्रण देने पहुँचा था। इसी बीच, कवर्धा पुलिस की एक विशेष टीम ने रायपुर में दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस उसे पकड़कर सीधे कवर्धा ले आई, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया।
10 साल का रिश्ता और शादी का झांसा
यह पूरा मामला तब खुला जब रवि की एक पुरानी महिला मित्र ने कवर्धा महिला थाने में न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह और रवि पिछले 10 वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पीड़िता का आरोप है कि रवि ने शादी का वादा कर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन जब शादी का समय आया, तो आरोपी अपनी बात से मुकर गया और कहीं और शादी तय कर ली। इसी धोखे से आहत होकर पीड़िता ने एफआईआर दर्ज कराई।
राजनीतिक सफर और रसूख
रवि चंद्रवंशी छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक परिचित नाम है। वह पहले जोगी कांग्रेस (JCCJ) का हिस्सा था और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुका है। लगभग दो साल पहले उसने कांग्रेस में वापसी की थी, जिसके बाद उसे किसान कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।

दिग्गजों के साथ तस्वीरें वायरल
रवि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था। गिरफ्तारी के बाद उसकी कई पुरानी तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज और कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट जैसे बड़े चेहरों के साथ नजर आ रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्षी दल अब सत्ता पक्ष पर निशाना साध रहे हैं।

कानूनी कार्रवाई
कवर्धा एसडीओपी (SDOP) आशीष शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला थाने में प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेशी के बाद अब पुलिस आगे की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर रसूखदार पदों पर बैठे लोगों के नैतिक आचरण और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर बहस छेड़ दी है।

