दुर्ग। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सीजन में सट्टेबाजी के बढ़ते जाल को काटने के लिए दुर्ग पुलिस ने एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक की है। जिले के पाटन इलाके में पुलिस ने दबिश देकर गुजरात और पंजाब के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिला रहे चार आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध जुआ संचालित करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
15 हजार में खरीदी थी सट्टे की आईडी
एडिशनल एसपी मणिशंकर चंद्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन देवांगन, उत्तम निषाद, गोपाल निषाद और लोकेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी महज मोहरे थे। उन्होंने उम्दा निवासी मुख्य एडमिन कुलदीप बागड़े से 15-15 हजार रुपये में 'साइलेंट 777' नामक ऐप की आईडी और लिंक हासिल की थी। इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ये आरोपी पिछले 15 दिनों से अवैध सट्टा बाजार चला रहे थे।
लेनदेन के वक्त पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी मैच खत्म होने के बाद हार-जीत की रकम का हिसाब करने के लिए पाटन के मुख्य बाजार चौक पर जुटने वाले हैं। सूचना मिलते ही एसीसीयू (ACCU) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। जैसे ही आरोपी रुपयों का आदान-प्रदान करने लगे, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
बरामदगी और कार्रवाई:
जब्ती: आरोपियों के पास से 4 हाई-टेक स्मार्टफोन और नकदी बरामद की गई है।
धाराएं: सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस अब इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। सट्टे का मुख्य लिंक और आईडी प्रोवाइड कराने वाला मास्टरमाइंड कुलदीप बागड़े फिलहाल फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं ताकि इस पूरे ऑनलाइन नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आईपीएल के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
