पिथौरा ग्राम अरंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बुढ़ानशाह की 141वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर महासमुंद जिले के सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू थे, जबकि अध्यक्षता कौड़िया राज अध्यक्ष पल्टूराम ध्रुव ने की।
विशेष अतिथियों में जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद, सांसद प्रतिनिधि मनमीत छाबड़ा, सर्वआदिवासी समाज जिला अध्यक्ष मनराखन ठाकुर, तहसील अध्यक्ष मनोहर साहू, दुलीकेशन साहू, कार्तिक राम पटेल तथा बुढ़ानशाह के वंशज योगसाय सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी मंचासीन रहे।
योगदान को किया याद
कार्यक्रम के पूर्व ग्राम के मुख्य चौक स्थित बुढ़ानशाह की प्रतिमा पर पूजन-अर्चन एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और योगदान को विस्तार से याद किया।
मुख्य अतिथि चुन्नीलाल साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुढ़ानशाह का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने 1930 के जंगल सत्याग्रह में भाग लेकर स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती दी तथा 1935-36 में 52 गढ़ के अध्यक्ष के रूप में गढ़मंडला से उड़ीसा सीमावर्ती क्षेत्रों तक लोगों को जागरूक किया।
उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचारों का डटकर सामना किया और अरंड क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाकर स्वतंत्रता की अलख जगाई। जेल जाने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी उन्होंने किसानों के हित में कौड़िया किसान संघ का गठन किया और समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहे।
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 17 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को ग्राम अरंड आमंत्रित किया जाएगा तथा राजधानी नया रायपुर मार्ग एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेज का नामकरण बुढ़ानशाह जी के नाम पर करने की मांग की जाएगी, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जागरूकता का संदेश
नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद ने कहा कि बुढ़ानशाह ने समाज में एकता, समरसता और जागरूकता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि पिथौरा के प्रवेश द्वार का नाम बुढ़ानशाह जी के नाम पर रखकर उनके योगदान को सम्मानित करने का प्रयास किया गया है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके त्याग के कारण ही आज हम स्वतंत्र वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सभी से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
देशहित में कार्य करने प्रेरित
सांसद प्रतिनिधि मनमीत छाबड़ा ने कहा कि बुढ़ानशाह का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके संघर्ष, ईमानदारी और सेवा भाव से हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। उनका राष्ट्रप्रेम आज भी हमें देशहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम में बताया गया कि ग्राम अरंड में प्रतिवर्ष 12 अप्रैल को जयंती एवं 17 अक्टूबर को पुण्यतिथि मनाई जाती है।
इस अवसर पर कौड़िया 02 अध्यक्ष अनूप ध्रुव, कौड़िया 03 अध्यक्ष सियाराम ध्रुव, सूरमाल परिक्षेत्र अध्यक्ष राजकुमार ध्रुव, छोटे बार अध्यक्ष जागेश्वर ध्रुव, तुलाराम ध्रुव, शिवचरण ध्रुव, कृष्णा ध्रुव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन घांसी राम ध्रुव ने किया तथा आभार प्रदर्शन पल्टूराम ध्रुव द्वारा किया गया।
