विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी अंधविश्वास किस तरह लोगों की सोच पर हावी हो सकता है, इसका दर्दनाक उदाहरण मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां जादू-टोने के संदेह में दो सगे भाइयों ने रिश्तेदारी की एक बुजुर्ग महिला की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
जादू-टोना करने का संदेह
पुलिस जांच में सामने आया कि जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कनाड़ीकला निवासी अनिल यादव और सुनील यादव को अपनी मौसी की सास गेंदा बाई यादव पर जादू-टोना करने का शक था। दोनों का मानना था कि परिवार में हुई मौतों, मां की लगातार खराब तबीयत और गर्भवती पत्नी व होने वाले बच्चे पर मंडरा रहे खतरे की वजह वही हैं। इसी अंधविश्वास ने दोनों भाइयों को हत्या की साजिश रचने के लिए उकसाया।
घात लगाकर किया हमला
योजना के तहत एक आरोपी मोबाइल फोन के जरिए महिला की गतिविधियों पर नजर रखता रहा, जबकि दूसरा कुल्हाड़ी लेकर रास्ते में घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही गेंदा बाई सुनसान स्थान पर पहुंचीं, आरोपी ने उन पर लगातार कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस ने सुलझाया मामला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
अंधविश्वास बना जानलेवा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास आज भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। बिना किसी ठोस आधार के शक और अंधविश्वास में लिया गया फैसला एक निर्दोष महिला की जान ले बैठा। विशेषज्ञ लगातार लोगों से वैज्ञानिक सोच अपनाने और अफवाहों व अंधविश्वास से दूर रहने की अपील करते रहे हैं।