झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। हंटरगंज थाना क्षेत्र के कोबना गांव में 24 वर्षीय युवती नेहा कुमारी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि नेहा ने आत्मघाती कदम उठाते समय अपने मंगेतर को वीडियो कॉल किया था, जिसने उसे मौत को गले लगाते हुए लाइव देखा।
दो साल का प्यार और शादी की तैयारी
परिजनों के अनुसार, नेहा का पिछले दो वर्षों से गिरिडीह जिले के राजधनवार (कैरिहारी) निवासी सोनू कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था और आगामी 29 अप्रैल को उनकी सगाई (छेका) की रस्म तय की गई थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, लेकिन गुरुवार की रात इन खुशियों को नजर लग गई।
मानसिक प्रताड़ना और शक का आरोप
इस दुखद घटना के बाद मृतका के परिजनों ने मंगेतर सोनू कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेहा के चाचा धर्मेंद्र पांडेय और अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि:
रिश्ता तय होने के बाद से ही सोनू का व्यवहार बदल गया था।
वह अक्सर नेहा पर बेबुनियाद शक करता था।
छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों का दावा है कि नेहा के मोबाइल फोन में प्रताड़ना से जुड़े कई डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि उसे इस चरम कदम को उठाने के लिए उकसाया गया था।
पुलिसिया कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस सक्रिय हुई। एएसआई वीरेंद्र तिवारी ने दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
मोबाइल डेटा रिकवरी: पुलिस ने नेहा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। कॉल रिकॉर्ड्स, चैट और वीडियो कॉल के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।
आत्महत्या के लिए उकसाना: परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस 'मानसिक प्रताड़ना' और 'आत्महत्या के लिए उकसाने' के कोण से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत के सटीक समय और कारणों की पुष्टि के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच अधिकारी का बयान: "प्राथमिक दृष्ट्या यह मामला प्रेम प्रसंग और मानसिक तनाव का लग रहा है। मोबाइल फोन से मिलने वाले सुराग और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
एक गंभीर सामाजिक चेतावनी
यह घटना न केवल एक परिवार की तबाही है, बल्कि रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और मानसिक दबाव का एक खतरनाक उदाहरण भी है। जिस उम्र में नेहा को अपने नए जीवन के सपने बुनने चाहिए थे, वहां डिजिटल माध्यम पर अपनी जान देने की यह घटना समाज के लिए एक चिंता का विषय है।
फिलहाल, कोबना गांव में सन्नाटा है और नेहा के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वे अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
