छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आईपीएल (IPL) सीजन के रोमांच के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी का एक बड़ा नेटवर्क पुलिस के हत्थे चढ़ा है। गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर दांव लगवा रहे सात सटोरियों को पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, नकदी और सट्टा पट्टी बरामद की है।
पाटन पुलिस की कार्रवाई: एडमिन से खरीदी थी आईडी
पहली बड़ी कार्रवाई पाटन पुलिस द्वारा की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोबाइल ऐप के जरिए करोड़ों के दांव लगवा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर करन देवांगन (23), उत्तम निषाद (29), गोपाल निषाद (27) और लोकेश उर्फ अरमान यादव (29) को दबोचा।
पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे ‘Silent 777’ नामक ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। इस सट्टा आईडी और लिंक को उन्होंने उम्दा निवासी एडमिन कुलदीप बागड़े से 15-15 हजार रुपए में खरीदा था। पुलिस ने इनके पास से 4 महंगे मोबाइल और 10 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। ये सभी आरोपी मैच खत्म होने के बाद पैसों का हिसाब-किताब करने के लिए बाजार चौक में जमा हुए थे, तभी पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
दुर्ग कोतवाली: खाली दुकान में सज रही थी सट्टे की महफिल
दूसरी कार्रवाई सिटी कोतवाली क्षेत्र के गया नगर में हुई। यहाँ परेतीन चौक स्थित एक सुनसान दुकान को सट्टेबाजी का अड्डा बनाया गया था। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने छापा मारा, तो वहां हर्ष राजपूत (24), शुभम चंदेल (22) और मोहम्मद ईरफान उर्फ राजा (38) डिजिटल माध्यम से लोगों से पैसे लेकर सट्टा खिलवा रहे थे।
पुलिस ने इस छापेमारी में आरोपियों के पास से:
9 मोबाइल फोन
28,800 रुपए नकद
एक स्कूटी
सट्टा पर्ची, कैलकुलेटर और हिसाब-किताब की कॉपियां
बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1.29 लाख रुपए आंकी गई है। ये आरोपी मोबाइल ऐप के साथ-साथ रजिस्टर में भी लेन-देन का हिसाब रख रहे थे।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का संदेश: "आईपीएल के दौरान अवैध सट्टेबाजी पर हमारी पैनी नजर है। तकनीकी निगरानी के जरिए सट्टा संचालित करने वाले अन्य नेटवर्क और उनके मुख्य एडमिनों की तलाश जारी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
इस कार्रवाई से जिले के सट्टा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना कुलदीप बागड़े की तलाश में जुटी है, जिसने इन युवाओं को आईडी उपलब्ध कराई थी।
