बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। यहां एक पुराना और जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में खेल रहा एक 10 वर्षीय मासूम बच्चा आ गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि बच्चे को संभलने या भागने का मौका नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चा घर के पास ही खेल रहा था। वर्षों से खंडहर जैसी स्थिति में पड़ा यह मकान पहले से ही बेहद कमजोर और असुरक्षित था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी दीवारें और छत काफी समय से जर्जर हो चुकी थीं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बावजूद इसे लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मौके पर तोड़ दम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही मकान का हिस्सा गिरा, जोरदार आवाज हुई और पूरा मलबा बच्चे के ऊपर आ गिरा। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को बचाने के लिए राहत कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन और ग्रामीण उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में आक्रोश का माहौल
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते इस जर्जर भवन को चिन्हित कर ध्वस्त कर दिया जाता या सुरक्षित किया जाता, तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
अनदेखी बनी मौत का कारण
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में माना है कि हादसे की मुख्य वजह मकान की जर्जर स्थिति है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही प्रशासन अब क्षेत्र में अन्य खतरनाक और जर्जर इमारतों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कह रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। यह हादसा एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि लापरवाही और अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है, जिसमें सबसे ज्यादा कीमत अक्सर मासूमों को चुकानी पड़ती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया : घटना के बाद इलाके में गहरा शोक और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह मकान पहले से ही खतरनाक स्थिति में था, लेकिन समय रहते प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासनिक कार्रवाई : पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इसे जर्जर भवन की वजह से हुआ हादसा बताया गया है। साथ ही प्रशासन ने अब ऐसे अन्य खतरनाक मकानों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कही है।