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पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त
पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त
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मुसीबत : गौरव पथ प्रोजेक्ट से बढ़ी परेशानी, छह वार्डों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित

शहर में बरोंडा चौक से कलेक्टर बंगला तक चल रहे गौरव पथ निर्माण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से पेयजल पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। पिछले दो महीनों में यह पाइपलाइन सातवीं बार टूट चुकी है, जिससे मौहारीभाठा सहित वार्ड 15, 18, 25, 27, 28 और 29 में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
31 May 2026, 05:00 PM
महासमुंद

शहर में बरोंडा चौक से लेकर कलेक्टर बंगला तक चल रहा गौरव पथ निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते सड़क खुदाई के दौरान पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। स्थिति यह है कि पिछले दो महीनों के भीतर यह पाइपलाइन सातवीं बार टूट चुकी है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

पाइपलाइन टूटने का सीधा असर मौहारीभाठा सहित वार्ड क्रमांक 18, 15, 25, 27, 28 और 29 पर पड़ा है। इन क्षेत्रों में हजारों की आबादी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रही है। कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।

वार्ड क्रमांक 18 (गुडरूपारा) में हालात सबसे गंभीर हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन दिनों से नलों में एक बूंद पानी नहीं आया है। मई की भीषण गर्मी में सुबह होते ही लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाता है। नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

गुडरूपारा वार्ड में तीन दिन से पानी नहीं

जल संकट इतना बढ़ गया है कि लोग पड़ोसी वार्ड 27 के सार्वजनिक बोरवेल और पानी टंकियों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सुबह से ही महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर और पुरुष साइकिलों पर ड्रम व डिब्बे लादकर पानी ढो रहे हैं। इससे रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर उदासीनता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया है। इसके अलावा पानी के टैंकर की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।निवासियों का आरोप है कि जलापूर्ति बाधित होने से पहले पालिका द्वारा किसी तरह की पूर्व सूचना भी नहीं दी जाती। इसके कारण लोग न तो पहले से पानी स्टोर कर पाते हैं और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर पाते हैं। अचानक पानी बंद होने से हर बार लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

पालिका के दावों पर सवाल

नगर पालिका प्रशासन शहर में दिन में तीन बार पर्याप्त जलापूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। वार्ड क्रमांक 28 के नागरिकों का कहना है कि दोपहर के समय नल कई बार चालू ही नहीं होते, जिससे मुश्किल से दो वक्त ही पानी मिल पा रहा है। लोगों ने पालिका के सभी दावों को खोखला बताया है।

 इस मामले पर नगर पालिका के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी मनोज खांडे ने बताया कि पाइपलाइन टूटने और जल संकट की जानकारी उन्हें है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है और लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय बनाकर समस्या का समाधान किया जा रहा है। जल्द ही सभी प्रभावित वार्डों में जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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