छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पश्चिम बंगाल के दौरे पर रवाना होंगे, जहां वे नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे और कई राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर से स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
इसके बाद वे शाम 7 बजे इंडिगो की फ्लाइट (6E-801) से कोलकाता के लिए उड़ान भरेंगे। उनका विमान रात 8:35 बजे कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा। वहां से वे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित होटल या स्टेट गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन यानी 9 मई को वे शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहेंगे, जहां नई सरकार का गठन औपचारिक रूप से किया जाएगा।
बंगाल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू
पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों नेता दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में विधायक दल के नेता यानी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। पार्टी के भीतर चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव परिणाम और राजनीतिक समीकरण
4 मई को घोषित 293 विधानसभा सीटों के नतीजों में बीजेपी को 206 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को केवल 81 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। ममता बनर्जी की पार्टी को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है।
भवानीपुर सीट पर टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने 15,114 वोटों से हराया। यह ममता बनर्जी के लिए लगातार दूसरा बड़ा चुनावी झटका माना जा रहा है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम सीट पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री पद की रेस
राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चर्चा में है। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों क्षेत्रों में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है। पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही जगह उनके नाम को लेकर समर्थन बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अब सभी की नजरें 9 मई के शपथ ग्रहण समारोह और उसके बाद होने वाली राजनीतिक घोषणाओं पर टिकी हुई हैं, जो पश्चिम बंगाल की नई राजनीतिक दिशा तय करेंगी।
