महासमुंद जिले के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी सिरपुर में 11 मई 2026 को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष के अवसर पर विशेष आयोजन होने जा रहा है। सिरपुर स्थित प्राचीन गंधेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम जिला प्रशासन महासमुंद तथा संस्कृति एवं राजभाषा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा।
यह आयोजन प्रदेश के उन चुनिंदा ऐतिहासिक शिवालयों में शामिल है, जहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
परिसर का निरीक्षण
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मंदिर महासंघ और गंधेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख दाऊलाल चंद्राकर, वरिष्ठ पत्रकार एवं विश्लेषक डॉ. नीरज गजेंद्र, नुकेश चंद्राकर तथा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि समग्र शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक रेखराज शर्मा ने गंधेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, श्रद्धालुओं की व्यवस्था, मंच निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
देशव्यापी आयोजन
बताया गया कि यह आयोजन धार्मिकता के साथ भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और विरासत को पुनर्स्मरण कराने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। कार्यक्रम में गुजरात के सोमनाथ मंदिर से जुड़े राष्ट्रीय शिखर कार्यक्रम का प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु देशव्यापी आयोजन से सीधे जुड़ सकेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे से अतिथियों का मंदिर परिसर में आगमन होगा। इसके बाद दर्शन, श्रृंगार, पूजन, रुद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख शिवालयों की परंपरा, संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर परिचर्चा, संगोष्ठी एवं सभा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में यह भी चर्चा होगी कि आपदा और संकट काल में प्राचीन मंदिरों की मूर्त एवं जीवंत विरासत की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाए।
शिव भक्ति की दिखेगी झलक
आयोजन में स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जिनमें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और शिव भक्ति की झलक दिखाई देगी। संध्या बेला में सामूहिक महाआरती कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के 36 प्रमुख ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं धार्मिक शिवालयों में यह विशेष आयोजन किया जा रहा है। महासमुंद जिले से सिरपुर स्थित गंधेश्वर महादेव मंदिर को इस सूची में शामिल किया गया है, जो इस प्राचीन धरोहर की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।
