भारतीय खाद्य क्षेत्र (Food Sector) के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे अब पूरी तरह से खुलने जा रहे हैं। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) के विशेष प्रयासों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विश्व प्रसिद्ध 'अबू धाबी फूड हब' में एक समर्पित 'इंडो-फूड पार्क' (Indo Food Park) की स्थापना की जा रही है। इस ऐतिहासिक पहल के बाद भारतीय कंपनियों के उत्पाद दुनिया भर के मल्टी-ब्रांड फूड स्टोर्स और सुपरमार्केट्स की शेल्फ तक बेहद आसानी से पहुंच सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत के फूड एक्सपोर्ट में हर साल हजारों करोड़ रुपये का बंपर इजाफा होगा।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सीधे एंट्री
टीपीसीआई (TPCI) के अध्यक्ष मोहित सिंगला ने इस परियोजना के दूरगामी फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"अबू धाबी फूड हब में इंडो-फूड पार्क का लॉन्च होना भारतीय खाद्य उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह पार्क भारतीय कंपनियों को यूएई (UAE), जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) के देशों समेत अफ्रीका और यूरोपीय बाजारों में सीधे सेंध लगाने के लिए एक समर्पित और मजबूत प्लेटफॉर्म देगा। यहाँ भारतीय निर्यातक सीधे अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों (International Buyers) से मिल सकेंगे, अपने प्रोडक्ट्स की लाइव ब्रांडिंग कर सकेंगे और ऑन-द-स्पॉट ऑर्डर हासिल कर ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकेंगे।"
क्यों खास है 'अबू धाबी फूड हब'
अबू धाबी फूड हब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि फूड ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए न्यू-जनरेशन इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम (Next-Gen Integrated Ecosystem) है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
विशाल क्षेत्र: यह हब यूएई के 3.3 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
विशिष्ट कैटेगरीज: यहाँ हर तरह के खाद्य पदार्थों के लिए अलग-अलग ज़ोन बनाए गए हैं—जैसे ताजी सब्जियां/फल, डेयरी उत्पाद, मीट, सी-फूड और ड्राई फूड।
रणनीतिक लोकेशन: अबू धाबी और दुबई के बीच स्थित होने के कारण इसे समुद्री (Sea), हवाई (Air) और सड़क (Road) मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्राप्त है। यह पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाला सबसे मजबूत गेटवे है।
डिजिटल और एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर: इसका अत्याधुनिक डिजिटल ट्रेड सिस्टम और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट व्यापार करने की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और तेज बनाता है।
खाद्य आयात पर यूएई की निर्भरता और भारत के लिए बड़ा मौका
यूएई अपनी खाद्य आवश्यकताओं के लिए 85 से 90 फीसदी तक आयात (Import) पर निर्भर है। ऐसे में भारत वहाँ की खाद्य सुरक्षा के लिए एक संजीवनी की तरह है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| वर्तमान हिस्सेदारी | यूएई के कुल फूड मार्केट में भारत की हिस्सेदारी लगभग 10% है। |
| भरोसेमंद पार्टनर | यूएई भारत को अपने सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित खाद्य आपूर्तिकर्ताओं (Reliable Suppliers) में गिनता है। |
| CEPA का फायदा | भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते नए स्तर पर हैं। |
लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग में बढ़ते निवेश के साथ, भारत अब यूएई के अरबों डॉलर के खाद्य और पेय आयात (Food & Beverage Import) बाजार में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करने की मजबूत स्थिति में है।
मुंबई में आज शाम महा-लॉन्चिंग
इस मेगा प्रोजेक्ट के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंडो-फूड पार्क की भव्य लॉन्चिंग आज शाम देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हो रही है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यूएई से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
जेन्स माइकल (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, अबू धाबी फूड हब)
विद्या शाह (चीफ कॉमर्शियल ऑफिसर, अबू धाबी फूड हब)
इस लॉन्चिंग के बाद भारतीय फूड इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के लिए वैश्विक खाद्य व्यापार के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है।

