छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में इन दिनों अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आ रही चोरी की निरंतर खबरों ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। चोर अब केवल रात के अंधेरे का फायदा नहीं उठा रहे, बल्कि दिनदहाड़े झांसा देकर लोगों की जीवनभर की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं।
हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो चोरी के तरीके बदल रहे हैं। कहीं आलमारियों के ताले तोड़े जा रहे हैं, तो कहीं 'सस्ते सामान' का लालच देकर घर में घुसपैठ की जा रही है।
केस 1:
किसान के घर से 3 लाख के जेवरात और नकदी पार
तेंदूकोना थाना क्षेत्र के ग्राम घोघरा में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। यहाँ के निवासी टेमन साहू, जो पेशे से किसान हैं, अपने परिवार के साथ काम पर गए हुए थे। 20 अप्रैल को जब घर सूना था, तब अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया।
चोरों ने घर के भीतर रखी आलमारी का ताला तोड़कर 1 तोला सोने का लॉकेट, दो जोड़ी सोने के झुमके, सोने की पत्तियां, और लगभग 800 ग्राम चांदी के जेवरात पार कर दिए। जेवरातों के साथ-साथ चोरों ने अलमारी में रखे 10 हजार रुपये नकद और जरूरी बिल-वाउचर भी समेट लिए। पीड़ित के अनुसार, चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 3 लाख रुपये आंकी जा रही है।
केस 2:
किराना दुकान को बनाया निशाना
महासमुंद के खल्लारी थाना क्षेत्र में भी चोर सक्रिय हैं। ग्राम कोकनाझर के एक किराना व्यवसायी महेन्द्र साहू की दुकान में सेंधमारी की गई। 5 मई की रात को महेन्द्र अपनी दुकान बंद कर घर गए थे। अगली सुबह जब वे दुकान पहुंचे, तो नजारा देखकर दंग रह गए। शटर का ताला टूटा हुआ था और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने गल्ले में रखे 37 हजार रुपये नकद और कुछ कीमती सामान चुरा लिया था।
'ठगी वाली चोरी': छड़-सीमेंट के नाम पर 70 हजार की चपत
सबसे हैरान कर देने वाला मामला सांकरा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ चोरों ने 'स्मार्ट' तरीका अपनाते हुए लूट को अंजाम दिया। पेन्ड्रावन निवासी हिरामन सिदार को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को रोड ठेकेदार बताया। उसने झांसा दिया कि काम खत्म होने के बाद उसके पास छड़ और सीमेंट बचा हुआ है, जिसे वह महज 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल के सस्ते दाम पर बेचना चाहता है।
सस्ते सामान के लालच में आकर हिरामन ने सहमति दे दी। जालसाज ने हिरामन के बेटे भूपेश को अपनी स्कूटी पर बिठाया और रास्ते में एक सुनसान जगह पर उतार दिया। इसी बीच, मौका पाकर वह शख्स हिरामन के घर जा पहुँचा। जब तक हिरामन को शक होता और वह घर पहुँचता, आरोपी घर से निकलकर भाग चुका था। जांच करने पर पता चला कि घर के अंदर रखी पेटी से 70 हजार रुपये नकद गायब थे, जो हिरामन ने अपने प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए जमा किए थे।
दहशत में ग्रामीण, पुलिस के सामने चुनौती
महासमुंद जिले में बढ़ती इन वारदातों ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चोरों को अब कानून का डर नहीं रहा है।
सावधानी ही बचाव है: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं। सस्ते सामान का लालच देकर घर में घुसने वाले लोग शातिर अपराधी हो सकते हैं। साथ ही, घर से बाहर जाते समय पड़ोसियों को सूचित करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी स्थानीय थाने में दें।
फिलहाल, पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज व मुखबिरों का सहारा ले रही है। देखना यह होगा कि बढ़ती चोरियों पर लगाम कसने में विभाग कब तक कामयाब हो पाता है।
