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सुशासन तिहार के दौरान धरना देकर जताया विरोध
सुशासन तिहार के दौरान धरना देकर जताया विरोध
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देवभोग में सरपंचों का धरना : काम नहीं मिलने से नाराज, सुशासन तिहार से बनाई दूरी

देवभोग ब्लॉक में सुशासन तिहार के दौरान सरपंचों ने कामकाज में लगातार उपेक्षा और विकास कार्यों की मंजूरी न मिलने के विरोध में धरना दिया। ब्लॉक की 53 पंचायतों में से 40 से अधिक सरपंचों ने सामूहिक रूप से शिविरों से दूरी बनाने का फैसला लिया है। सरपंचों का आरोप है कि छोटी-बड़ी विकास योजनाओं को मंजूरी नहीं मिल रही, जबकि प्रभावशाली लोगों के काम आसानी से हो रहे हैं। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर पहुंचकर सरपंचों से चर्चा की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
08 May 2026, 05:04 PM
📍 देवभोग

गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान बड़ा प्रशासनिक असंतोष सामने आया। माडागांव में आयोजित शिविर से ब्लॉक के सरपंचों ने दूरी बनाते हुए विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन किया। सरपंचों ने स्पष्ट कहा कि वे सरकार के अभियान का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन लगातार उपेक्षा के चलते अब सहयोग भी नहीं करेंगे।

 40 से अधिक सरपंच धरने पर बैठे

जानकारी के अनुसार देवभोग ब्लॉक की 53 पंचायतों के सरपंचों ने बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि वे आगामी शिविरों में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करेंगे। ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि पंचायतों की वास्तविक जरूरतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों में गहरा असंतोष है।

धरना स्थल पर 40 से अधिक सरपंचों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाज उठाई।

काम के लिए दर-दर भटक रहे हैं

सरपंच रौशनी प्रधान ने कहा कि जनता की बुनियादी मांगों पर काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि—

  • नाली जैसे छोटे कार्य भी स्वीकृत नहीं हो रहे
  • मांग पत्र कलेक्टर से लेकर मंत्री और उच्च स्तर तक दिए गए, लेकिन समाधान नहीं मिला
  • प्रभावशाली लोगों के काम आसानी से हो जाते हैं, जबकि सरपंचों की सुनवाई नहीं होती

उन्होंने कहा कि “दो साल से लगातार उपेक्षा हो रही है, जिससे पंचायत प्रतिनिधि खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।”

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

धरने के दौरान सरपंचों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया कि देवभोग ब्लॉक में—

  • रोजगार मूलक और हितग्राही मूलक कार्यों को मंजूरी नहीं मिल रही
  • केवल मिट्टी कार्य देकर औपचारिकता निभाई जा रही है
  • मटेरियल आधारित कार्यों की लगातार अनदेखी हो रही है
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही

सरपंचों ने इसे क्षेत्र के विकास में बड़ी बाधा बताया।

सीईओ पहुंचे धरना स्थल, दिया आश्वासन

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे सरपंचों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीईओ ने सरपंचों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और योजनाओं के तहत लंबित निर्माण कार्यों को मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन के लिए चुनौती

सरपंचों के सामूहिक विरोध ने सुशासन तिहार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी प्रशासन के लिए नई चुनौती बनकर सामने आई है।

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