बालोद जिले में पड़ रही भीषण गर्मी अब वन्यजीवों पर भी भारी पड़ने लगी है। पानी और भोजन की तलाश में भटककर एक तेंदुआ कुएं में जा गिरा। करीब 4 साल उम्र का यह तेंदुआ कुएं के अंदर लगे मोटर पाइप के सहारे लटका हुआ मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।
सुबह कुएं पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा चौंकाने वाला दृश्य
यह घटना जगतरा गांव की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ रात के समय गांव के पास पहुंचा था और पानी की तलाश में कुएं के आसपास घूम रहा था। इसी दौरान वह संतुलन खोकर सीधे कुएं में गिर गया।
सुबह जब ग्रामीण रोजमर्रा की तरह कुएं से पानी निकालने पहुंचे, तो उन्होंने अंदर झांककर देखा तो मोटर पाइप से लटका हुआ तेंदुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग तुरंत पीछे हट गए।
गांव में दहशत, मौके पर भीड़ जमा
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। हालांकि, तेंदुए की मौजूदगी के कारण लोग डरे हुए हैं और कुएं से दूरी बनाए हुए हैं। स्थिति को देखते हुए गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी।

वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी
सूचना मिलते ही बालोद वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गई है। टीम ने कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जाल और क्रेन या सुरक्षित ट्रैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि तेंदुए को बिना चोट पहुंचाए बाहर निकाला जा सके।
भीषण गर्मी बनी बड़ी वजह
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और जलस्रोतों की कमी के कारण वन्यजीव रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कारण तेंदुआ भोजन और पानी की तलाश में गांव तक पहुंच गया।
इलाके में अलर्ट, रेस्क्यू पर नजरें
फिलहाल पूरे इलाके में वन विभाग की टीम तैनात है और रेस्क्यू ऑपरेशन पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को सुरक्षित जंगल में वापस छोड़ने की योजना है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गर्मी के मौसम में वन्यजीवों की सुरक्षा और जलस्रोतों की उपलब्धता को लेकर और गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
