पूरे देश की निगाहें आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये परिणाम न केवल बंगाल, बल्कि देश की भावी राजनीति की दिशा तय करेंगे। आज सुबह से शुरू होने वाली मतगणना के साथ ही दोपहर तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल में 'जोड़ा फूल' (तृणमूल कांग्रेस) अपनी सत्ता बरकरार रखेगा या 'कमल' (भाजपा) खिलकर नया इतिहास रचेगा।
ताजा रुझानों के मुताबिक बीजेपी 157 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और बहुमत के आंकड़े (148) को पार कर चुकी है। वहीं टीएमसी (TMC) 65 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस और सीपीआई(एम) अब तक अपना खाता नहीं खोल पाए हैं। रुझानों में बीजेपी स्पष्ट रूप से मजबूत स्थिति में नजर आ रही है और राज्य में सरकार बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हाई-टेक निगरानी
मतगणना के मद्देनजर कोलकाता सहित पूरे राज्य में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहली बार क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की है। ईसीआईनेट (ECI-NET) के माध्यम से संचालित इस व्यवस्था का उद्देश्य मतगणना केंद्रों पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकना है।
मतगणना केंद्रों का गणित
राज्य की 294 सीटों में से आज 293 सीटों पर मतों की गिनती होगी। चुनाव आयोग के अनुसार:
कुल 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती की जाएगी।
कोलकाता की 11 सीटों के लिए 5 मुख्य केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें नेताजी इंडोर स्टेडियम और सखावत मेमोरियल स्कूल जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
सबसे अधिक 33 सीटों वाले जिले उत्तर 24 परगना में 8 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।
केंद्रों की संख्या में कटौती को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। जहां 2021 में 108 केंद्र थे, वहीं अब इन्हें घटाकर 77 कर दिया गया है, जिस पर तृणमूल कांग्रेस ने सवाल भी उठाए हैं।
दिग्गज नेताओं के दावे
मतगणना से ठीक पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए दावा किया है कि उनकी पार्टी भारी बहुमत से वापसी करेगी। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और वे ममता बनर्जी को उनके गढ़ में मात देंगे।
अब देखना यह है कि बंगाल की जनता ने 'सोनार बांग्ला' का सपना किसे सौंपने का फैसला किया है।
