पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर है। राज्य की 294 सीटों पर दो चरणों में वोटिंग पूरी होने के बाद, आज शनिवार (2 मई) को कुछ चुनिंदा बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। दरअसल, पिछले चरणों के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव में धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए थे। इन शिकायतों की समीक्षा के बाद, चुनाव आयोग ने दो विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान (Repolling) का आदेश दिया था।
फाल्टा में बढ़ा सियासी पारा
पुनर्मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले का फाल्टा क्षेत्र अशांति का केंद्र बन गया। मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ के एक मतदान केंद्र पर स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षाबलों और टीएमसी नेताओं के बीच जमकर बवाल हुआ।
मौके पर मौजूद केंद्रीय सुरक्षाबलों ने उग्र भीड़ को शांत करने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक स्थानीय लोग पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। हालांकि, घंटों की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और मतदान प्रक्रिया फिर से सुचारू की गई।
सत्ता की चाबी किसके पास?
पश्चिम बंगाल में इस बार मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC और भाजपा के बीच माना जा रहा है। राज्य की सभी सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हो चुका है। आज की छिटपुट वोटिंग के बाद अब सभी की नजरें परिणामों पर टिकी हैं।
पुनर्मतदान: 15 बूथों पर (2 मई)
मतगणना की तिथि: 4 मई
कुल सीटें: 294
आगामी 4 मई को होने वाली मतगणना यह तय कर देगी कि बंगाल की जनता एक बार फिर 'दीदी' पर भरोसा जताती है या फिर राज्य में सत्ता परिवर्तन की लहर भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुँचाती है। फिलहाल, पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
