पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले
विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी बीच भारतीय
चुनाव आयोग (ECI) ने निष्पक्ष और
पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए मीडिया कवरेज पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए
हैं। आयोग का स्पष्ट संदेश है कि चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता और विश्वसनीयता से
किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, मतदान केंद्रों पर
मीडियाकर्मियों की एंट्री पूरी तरह नियंत्रित रहेगी। इसके लिए संबंधित केंद्र के
पीठासीन अधिकारी को ही अंतिम अधिकार दिया गया है। यानी बिना अनुमति कोई भी
मीडियाकर्मी मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
सबसे अहम निर्देश यह है कि मतदान कक्ष के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो
रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आयोग का कहना है कि यह कदम मतदाताओं की
गोपनीयता बनाए रखने और स्वतंत्र मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए उठाया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मीडिया को कवरेज की अनुमति देने के लिए भी एक तय प्रक्रिया बनाई गई है।
मीडियाकर्मियों को पहले विधिवत प्राधिकरण पत्र प्राप्त करना होगा, जिसके लिए आवेदन
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और संबंधित राज्य के
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के माध्यम से किया जाएगा। जांच और
सत्यापन के बाद ही पास जारी किए जाएंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी
तरह की फर्जी कॉपी, रबर स्टैम्प या अनधिकृत पास मान्य नहीं
होंगे।
इसके अलावा, आयोग ने चुनाव से जुड़े अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें कर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया है। सभी राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव हिंसा-मुक्त, भय-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त वातावरण में कराए जाएं।