रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल लगातार सघन निगरानी और कड़ी कार्रवाई कर रहा है। मंडल के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) फिलहाल ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी के बीच स्थिर बना हुआ है। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ इस वर्ष अब तक व्यापक कार्रवाई करते हुए 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि लगाई गई है।
जिले में प्रदूषण स्तर की सटीक निगरानी के लिए 4 सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS) संचालित की जा रही हैं। ये केंद्र खनन और औद्योगिक क्षेत्रों—कुंजेमुरा, मिलुपारा तमनार, छाल धरमजयगढ़ और पूंजीपथरा—में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत रायगढ़ शहर और ओ.पी. जिंदल औद्योगिक पार्क क्षेत्र में नियमित मैन्युअल मॉनिटरिंग भी जारी है, जिससे वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर जीरो टॉलरेंस नीति
पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के मामलों में मंडल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करने वाले 8 उद्योगों पर 3 लाख 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं फ्लाई ऐश प्रबंधन और परिवहन नियमों की अनदेखी करने वाले 17 उद्योगों पर 76 लाख 20 हजार 255 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। इस प्रकार कुल 25 उद्योगों के खिलाफ 79 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई दर्ज की गई है।
सड़कों पर उड़ने वाली धूल और राखड़ की समस्या को नियंत्रित करने के लिए पर्यावरण मंडल ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। इसके तहत औद्योगिक कच्चे माल और उत्पादों के परिवहन के दौरान डस्ट कंट्रोल उपायों का पालन अनिवार्य किया गया है। फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक और पारदर्शी निपटान के लिए IWMMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे राखड़ के उठाव से लेकर अंतिम निपटान तक हर गतिविधि की ऑनलाइन निगरानी संभव हो रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर मंडल का बड़ा दावा
क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का कहना है कि रायगढ़ जिले में प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि होने की आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उपलब्ध मॉनिटरिंग आंकड़ों के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई लगातार की जाएगी।
