छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपनों से बिछड़े लोगों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए रायपुर पुलिस द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन तलाश’ एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। अप्रैल माह के दौरान पश्चिम जोन के 9 थानों द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने कुल 226 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। इस सफलता ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा मजबूत किया है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के आंसुओं को मुस्कान में बदल दिया है।
अभियान की रणनीति और नेतृत्व
रायपुर पुलिस ने परिजनों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इस अभियान की रूपरेखा तैयार की थी। यह पूरा सर्च ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पश्चिम जोन के अंतर्गत आने वाले थानों की विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने इस दौरान आधुनिक तकनीकी संसाधनों, स्थानीय मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस का बखूबी इस्तेमाल किया, जिससे कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचना संभव हो सका।
प्रमुख आंकड़े: 13 नाबालिगों की सुरक्षित वापसी
खोजे गए 226 लोगों में 213 वयस्क और 13 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने नाबालिगों की बरामदगी को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा था। संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में दबिश देकर इन बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया।
थानों का रिपोर्ट कार्ड: डीडी नगर पुलिस का शानदार प्रदर्शन
इस अभियान में थानों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिसमें डीडी नगर थाना सबसे अव्वल रहा।
डीडी नगर: कुल 82 लोग (80 वयस्क, 2 नाबालिग) बरामद।
टिकरापारा: कुल 53 लोगों की दस्तयाबी।
पुरानी बस्ती: कुल 27 लोगों को तलाशा गया।
अन्य थाने: आमानाका (18), न्यू राजेंद्र नगर (17), मुजगहन (11), कबीर नगर (10), आजाद चौक (06) और सरस्वती नगर (02)।

भावुक कर देने वाले रहे मिलन के पल
जब गुमशुदा लोग अपने घर वापस लौटे, तो थानों में बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले। महीनों और सालों से बिछड़े बच्चों को पाकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए परिवारों को फिर से जोड़ना था।
भविष्य की योजना: जारी रहेगा अभियान
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन तलाश’ आगे भी जारी रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुमशुदगी के लंबित मामलों के निपटारे के लिए इस तरह के विशेष अभियान समय-समय पर चलाए जाएंगे, ताकि कोई भी परिवार अपने सदस्य से बिछड़कर हताश न हो।
