Tuesday, 22 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Delhi-Mumbai Expressway: पत्थरबाजी से मचा हड़कंप, कई वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई Jamui Case: मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल, 5 आरोपी गिरफ्तार Ganja Smuggling: माना कैंप में गांजा तस्करी का खुलासा, अल्टो कार से 11 पैकेट में मिला करीब 22 किलो गांजा Bhilai Steel Plant Accident: मशीन की चपेट में आने से ठेका मजदूर की मौत, जांच शुरू Bear Entered Municipality: नगर पालिका परिसर में घुसा भालू, कर्मचारियों और लोगों में मचा हड़कंप CISF Job Fraud: फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी पाने वाला आरोपी गिरफ्तार Delhi-Mumbai Expressway: पत्थरबाजी से मचा हड़कंप, कई वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई Jamui Case: मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल, 5 आरोपी गिरफ्तार Ganja Smuggling: माना कैंप में गांजा तस्करी का खुलासा, अल्टो कार से 11 पैकेट में मिला करीब 22 किलो गांजा Bhilai Steel Plant Accident: मशीन की चपेट में आने से ठेका मजदूर की मौत, जांच शुरू Bear Entered Municipality: नगर पालिका परिसर में घुसा भालू, कर्मचारियों और लोगों में मचा हड़कंप CISF Job Fraud: फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी पाने वाला आरोपी गिरफ्तार
W 𝕏 f
होम विदेश भारत : चिकननेक पर बढ़ी चिंता, चटगांव विवाद ने बढ़…
बांग्लादेश  और म्यांमार से जुड़ा नया विवाद
बांग्लादेश और म्यांमार से जुड़ा नया विवाद
विदेश

भारत : चिकननेक पर बढ़ी चिंता, चटगांव विवाद ने बढ़ाई हलचल

Arakan Army से जुड़े एक धार्मिक नेता द्वारा जारी कथित नक्शे में बांग्लादेश के Chattogram क्षेत्र के कुछ हिस्सों को “स्वतंत्र रखाइन देश” का हिस्सा दिखाए जाने से दक्षिण एशिया में नई भू-राजनीतिक चिंता बढ़ गई है। म्यांमार के रखाइन क्षेत्र में अराकान आर्मी की बढ़ती ताकत और सीमा क्षेत्रों में अस्थिरता ने बांग्लादेश के साथ-साथ भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर भारत के रणनीतिक Siliguri Corridor यानी “चिकननेक” कॉरिडोर और पूर्वोत्तर सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

प्रकाशित: 19 May 2026, 01:28 PM · अपडेट: 16 Sep 2026, 10:24 AM
बांग्लादेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक नया तनाव उभरता दिखाई दे रहा है। भारत के रणनीतिक “चिकननेक” यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर पहले से जारी सुरक्षा चिंताओं के बीच अब बांग्लादेश और म्यांमार से जुड़ा नया विवाद सामने आया है। म्यांमार के विद्रोही संगठन अराकान आर्मी  से जुड़े एक धार्मिक नेता द्वारा जारी कथित नक्शे ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। इस नक्शे में प्रस्तावित “स्वतंत्र रखाइन देश” के भीतर बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र के कुछ हिस्सों को भी शामिल दिखाया गया है।  यह केवल एक नक्शे का विवाद नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति, म्यांमार के गृहयुद्ध और भारत-बांग्लादेश-म्यांमार के बीच रणनीतिक संतुलन से जुड़ा संवेदनशील मामला बनता जा रहा है।

भारत का “चिकननेक” कॉरिडोर

सिलीगुड़ी कॉरिडोर  भारत का बेहद संवेदनशील भूभाग माना जाता है। पश्चिम बंगाल में स्थित यह संकरा कॉरिडोर भारत के मुख्य हिस्से को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। इसकी चौड़ाई कुछ स्थानों पर केवल 20 से 22 किलोमीटर तक रह जाती है। यदि किसी बड़े संघर्ष, सीमा संकट या भू-राजनीतिक तनाव के दौरान यह मार्ग प्रभावित होता है, तो पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी और सैन्य आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि भारत लंबे समय से इस क्षेत्र को लेकर बेहद सतर्क रहता है।  हाल के वर्षों में चीन, बांग्लादेश और म्यांमार से जुड़े रणनीतिक घटनाक्रमों ने इस क्षेत्र की अहमियत और बढ़ा दी है।

चटगांव पर बढ़ा विवाद

बांग्लादेश का चटगांव क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कई जातीय और सांस्कृतिक प्रभावों का केंद्र रहा है। इतिहासकारों के अनुसार यह इलाका कभी अराकान या रखाइन क्षेत्र से सांस्कृतिक रूप से जुड़ा हुआ था। आज भी चटगांव हिल ट्रैक्ट्स में मरमा, खुमी और चक जैसे समुदाय रहते हैं, जिनका ऐतिहासिक संबंध म्यांमार के रखाइन क्षेत्र से माना जाता है।  इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच अब अराकान आर्मी से जुड़े धार्मिक नेता वेन यू कंडाला द्वारा जारी कथित नक्शे ने विवाद बढ़ा दिया है। क्षेत्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार इस नक्शे में “स्वतंत्र रखाइन देश” के हिस्से के रूप में बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र के कुछ हिस्से भी दर्शाए गए हैं।हालांकि अब तक म्यांमार की आधिकारिक सरकार या अराकान आर्मी की ओर से बांग्लादेश के खिलाफ किसी औपचारिक क्षेत्रीय दावे की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस घटनाक्रम ने ढाका की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

अराकान आर्मी

अराकान आर्मी  म्यांमार के रखाइन राज्य में सक्रिय एक शक्तिशाली जातीय सशस्त्र संगठन है। यह संगठन मुख्य रूप से रखाइन समुदाय के लिए अधिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों की मांग करता रहा है। 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद यह संगठन जुंटा सरकार के खिलाफ सबसे बड़ी विद्रोही ताकतों में शामिल हो गया। पिछले दो वर्षों में अराकान आर्मी ने रखाइन राज्य के बड़े हिस्से पर नियंत्रण मजबूत किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2024 के अंत और 2025 की शुरुआत तक संगठन ने रखाइन क्षेत्र के लगभग 80-90 प्रतिशत हिस्से पर प्रभाव स्थापित कर लिया था। इसमें बांग्लादेश सीमा से लगे कई रणनीतिक इलाके भी शामिल बताए गए हैं।

बांग्लादेश के लिए चिंता की बात

बांग्लादेश के लिए चटगांव केवल एक सीमावर्ती क्षेत्र नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था का सबसे अहम समुद्री केंद्र है। देश का सबसे बड़ा बंदरगाह और बड़ा व्यापारिक नेटवर्क इसी क्षेत्र से संचालित होता है।
 यदि रखाइन संघर्ष और सीमा अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका असर चटगांव बंदरगाह, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। बांग्लादेश पहले ही रोहिंग्या शरणार्थी संकट और म्यांमार सीमा तनाव से जूझ रहा है।

भारत की बढ़ी रणनीतिक चिंता

विश्लेषकों के अनुसार यदि म्यांमार, रखाइन क्षेत्र और बांग्लादेश सीमा में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका असर भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा और “एक्ट ईस्ट” नीति पर भी पड़ सकता है। भारत पहले से ही वैकल्पिक संपर्क मार्गों पर काम कर रहा है ताकि पूर्वोत्तर राज्यों की निर्भरता केवल सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर न रहे। इसी रणनीति के तहत कलादान बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना  जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।  फिलहाल यह विवाद प्रतीकात्मक और वैचारिक ज्यादा नजर आता है, लेकिन म्यांमार का गृहयुद्ध, रखाइन संघर्ष और जातीय राजनीति भविष्य में दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना सकती है। यदि अराकान आर्मी की ताकत और बढ़ती है तथा सीमा क्षेत्रों में अस्थिरता जारी रहती है, तो भारत, बांग्लादेश और म्यांमार के बीच रणनीतिक तनाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि दक्षिण एशिया के इस पूरे घटनाक्रम पर भारत, चीन और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों की नजर बनी हुई है। 
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें