छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक संगठित सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन का केंद्र बसना थाना क्षेत्र की भंवरपुर चौकी रही, जहां से शुरू हुई कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क की जड़ें हिला दीं।
भंवरपुर निवासी योगेश्वर देवांगन की गिरफ्तारी इस कार्रवाई का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। पूछताछ के दौरान उसके द्वारा दिए गए मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस को सट्टा नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में 5 विशेष टीमों का गठन किया गया।
इन टीमों ने बसना, पिथौरा, सांकरा और सरायपाली सहित कई स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 9 मुख्य सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई इतनी तेज और सटीक थी कि आरोपियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें आईफोन, विवो और ओप्पो जैसे स्मार्टफोन शामिल हैं। इन उपकरणों में डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए 3 लाख रुपये से अधिक के ऑनलाइन सट्टा लेन-देन के सबूत मिले हैं, जिससे गिरोह के संगठित रूप से काम करने की पुष्टि हुई है।
सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
गिरफ्तार आरोपी
- योगेश्वर देवांगन (भंवरपुर)
- नरेंद्र पटेल (भंवरपुर)
- उमाशंकरपति (बारपेलाडीह, बसना थाना)
- शरीफ खान (आदर्श नगर, बसना)
- पार्थो डे (बसना)
- रवि अग्रवाल (पिथौरा)
- बाबूलाल मानिकपुरी (नवरंगपुर)
- नोहर राम पटेल (सांकरा)
- राजा माटा (पिथौरा)
3 आरोपी फरार, फरार आरोपियों की तलाश जारी
मामले में 3 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस उनके बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। बसना थाना क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर हटाया। वहीं, बसना, सरायपाली और पिथौरा के स्थानीय बाजारों और चाय-पान ठेलों पर इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है।
