महाराष्ट्र के पुणे में गुरुवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। बेंगलुरू-मुंबई नेशनल हाईवे-4 पर एक अनियंत्रित मालवाहक ट्रक काल बनकर आया और चंद सेकंडों में हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईवे के एक व्यस्त पुल पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक के अचानक ब्रेक फेल हो गए। चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और ढलान पर ट्रक ने आगे चल रही छह गाड़ियों को एक के बाद एक जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए और देखते ही देखते सभी गाड़ियां आग के गोले में तब्दील हो गईं।
मंजर देख कांप उठी रूह
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंजर किसी भयावह फिल्म जैसा था। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह गाड़ियों को रौंदता चला गया। गाड़ियों में सवार यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कोई भी मदद के लिए पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई।
राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और मलबे में फंसे शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस प्रशासन ने बताया कि:
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे खुलवाने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद पुष्टि की है कि दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रक के ब्रेक फेल होना था। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ट्रक में ओवरलोडिंग थी या फिटनेस संबंधी कोई कमी थी। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर भारी वाहनों की सुरक्षा और मेंटेनेंस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
