छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। छाल थाना क्षेत्र में आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे एक शातिर अपराधी को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का इतिहास बेहद खौफनाक रहा है; वह न केवल सट्टेबाजी में संलिप्त था, बल्कि दुष्कर्म और राजधानी रायपुर में हुई एक बड़ी डकैती जैसी संगीन वारदातों में भी शामिल रह चुका है।
नदी किनारे चल रहा था सट्टे का 'खेल'
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को छाल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुरकुट नदी के पुल के पास सट्टेबाजी का काला कारोबार चल रहा है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे आईपीएल मुकाबले पर एक युवक 'बॉल-टू-बॉल' दांव लगवा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने त्वरित घेराबंदी की और मौके पर दबिश दी।
वहां पुलिस ने ग्राम बरभौना निवासी चंद्रभूषण डनसेना (28 वर्ष) को हिरासत में लिया। जब उसके मोबाइल की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। फोन में सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप चैट्स और हार-जीत के दांव के साथ-साथ ऑनलाइन लेन-देन के पुख्ता प्रमाण मिले।
ग्राहक भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि केवल सट्टा खिलाने वाला ही नहीं, बल्कि दांव लगाने वाले भी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। जांच में रूपधर पटेल (22 वर्ष) का नाम सामने आया, जिसने चंद्रभूषण को 1500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर मैच पर सट्टा लगाया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रूपधर को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और नकदी समेत कुल 82,000 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
आरोपी का काला इतिहास: दुष्कर्म से डकैती तक
गिरफ्तारी के बाद जब चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दू की कुंडली खंगाली गई, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस जांच में पता चला कि:
दुष्कर्म का मामला: मार्च 2023 में छाल क्षेत्र की एक युवती की शिकायत पर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह जेल भी गया था।
रायपुर डकैती: जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपराध की राह नहीं छोड़ी। उसने रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में एक ट्रेडिंग ऑफिस में अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था।
रायपुर डकैती मामले में वह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह ओडिशा, रायपुर और रायगढ़ के बीच ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहा था और इसी दौरान उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क फैला लिया था।
SSP की चेतावनी: "अवैध कारोबार को पनपने नहीं देंगे"
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि:
"जुआ और सट्टा समाज को खोखला कर रहे हैं। सट्टा खेलने वाले और खिलाने वाले, दोनों कानून की नजर में समान रूप से अपराधी हैं। हमारी टीम 'ऑपरेशन अंकुश' के जरिए ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर देगी।"
एसएसपी ने युवाओं से भी अपील की है कि वे रातों-रात अमीर बनने के लालच में आकर ऐसी अवैध गतिविधियों में न फंसें, अन्यथा उनका करियर और भविष्य सलाखों के पीछे बर्बाद हो सकता है। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
