छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक हृदयविदारक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। चिल्फी घाटी स्थित नेशनल हाईवे-30 पर रफ्तार के जुनून ने एक और जिंदगी छीन ली है। बोड़ला के समीप एक अनियंत्रित ट्रेलर और ट्रक के बीच आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसमें ट्रक चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का मंजर: लोहे के मलबे में तब्दील हुआ ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन चालक को बचाने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दराज के इलाकों में भी इसकी गूंज सुनाई दी।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा
दुर्घटना के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और शव को क्रेन की मदद से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। वर्तमान में प्रशासन द्वारा क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे कर आवागमन सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट्स' और प्रशासन की लापरवाही
इस हादसे ने एक बार फिर बोड़ला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
ब्लैक स्पॉट्स: चिल्फी घाटी और बोड़ला के आसपास कई ऐसे मोड़ हैं जो 'डेथ ट्रैप' बन चुके हैं।
सुरक्षा का अभाव: इन खतरनाक जगहों पर न तो पर्याप्त रेडियम संकेतक हैं और न ही गति अवरोधक।
अधिकारियों की चुप्पी: बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने इन ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
यह हादसा केवल एक सांख्यिकी नहीं, बल्कि उन खतरों की चेतावनी है जिन्हें लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है। यदि समय रहते इन ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो चिल्फी घाटी की सड़कें यूं ही लहूलुहान होती रहेंगी।
