खेती के सीजन से पहले खाद, बीज और डीजल की किल्लत से परेशान किसानों का आक्रोश शुक्रवार को भानसोज सोसायटी में खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने सोसायटी का घेराव कर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। आंदोलन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों का कहना था कि सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। किसान सुबह से लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं डीजल की कमी ने खेती की तैयारियों को और मुश्किल बना दिया है। किसानों ने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो बोआई प्रभावित हो सकती है।
सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन में शामिल जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता वतन चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान खाद, बीज और डीजल के लिए भटकने मजबूर हैं। खेती का सबसे अहम समय चल रहा है, लेकिन सरकार किसानों की परेशानी समझने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसान संकट से जूझ रहे हैं। किसान घंटों लाइन में लग रहे हैं, लेकिन जरूरत का सामान नहीं मिल पा रहा है।
बोनस का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा
वतन चंद्राकर ने अपने संबोधन में वर्ष 2015-16 के बोनस भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय का परिणाम भाजपा को पहले भी भुगतना पड़ा है। अब फिर खाद-बीज और पेट्रोल-डीजल का कृत्रिम संकट पैदा कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में भाजपा को गांवों में भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा। किसानों का धैर्य अब टूटने लगा है।
बढ़ती लागत से किसान परेशान
किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज और डीजल के दाम बढ़ने से पहले ही किसान परेशान हैं, ऊपर से समय पर संसाधन नहीं मिलने से आर्थिक संकट और गहरा रहा है। किसानों का कहना था कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो इसका असर पूरे खरीफ सीजन पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सहकारी बैंक अध्यक्ष जगमोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने, डीजल संकट दूर करने और किसानों को राहत देने की मांग की गई।
आंदोलन में किसान हरि बंजारे, संजीव चंद्राकर, द्रोण चंद्राकर, सुखित साहू, मोहन साहू, दौलत साहू, दुलार बंजारे, लुमेश चंद्राकर, उत्तम टंडन, हिरेश चंद्राकर, निलेश साहू, ओमकार, भगत लहरी, महेंद्र बंजारे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

