छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एम्बुलेंस की आड़ में चल रहे अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना खल्लारी पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने उस मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है, जो ओडिशा से गांजा सप्लाई कर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब पुलिस सिर्फ छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पूरे सप्लाई चैन और नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्कर कानून और पुलिस जांच से बचने के लिए एम्बुलेंस जैसे संवेदनशील वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे। आमतौर पर एम्बुलेंस को जांच के दौरान कम रोका जाता है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी राज्यों की सीमाएं पार कर गांजा तस्करी कर रहे थे। इस खुलासे के बाद लोगों में भी हैरानी है कि अब अपराधी पुलिस से बचने के लिए किस हद तक जा रहे हैं।
28 मार्च की नाकाबंदी में हुआ था बड़ा खुलासा
पूरा मामला 28 मार्च 2026 का है। थाना खल्लारी क्षेत्र के चरौदा मोड़ के पास पुलिस द्वारा नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान बोलेरो एम्बुलेंस क्रमांक CG 49 C 0133 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से करीब 20 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई। कार्रवाई के दौरान परिवहन में इस्तेमाल बोलेरो एम्बुलेंस समेत कुल 15 लाख 16 हजार 800 रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
मौके से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सलमान खान पिता जलील खान उम्र 26 वर्ष निवासी मोमिनपुरा, गरीब नवाब मस्जिद के पास, थाना गांधीबाग जिला नागपुर महाराष्ट्र तथा शिराज पठान पिता मोहम्मद नशीर उम्र 39 वर्ष निवासी अंसार नगर, थाना गांधीबाग जिला नागपुर महाराष्ट्र शामिल हैं। दोनों के खिलाफ थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 36/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पूछताछ में खुला ओडिशा कनेक्शन
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा से खरीदा गया था और इसका मुख्य सप्लायर सुशांता मुखी नाम का व्यक्ति है। इसके बाद महासमुंद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और फाइनेंशियल ट्रेल के आधार पर जांच तेज कर दी। पुलिस लगातार “इंड टू इंड इन्वेस्टिगेशन” के जरिए नेटवर्क की पूरी श्रृंखला खंगाल रही थी। थाना खल्लारी पुलिस और ANTF की टीम तत्काल ओडिशा रवाना हुई। लगातार पतासाजी, तकनीकी ट्रैकिंग और घेराबंदी के बाद पुलिस ने संबलपुर जिले के ग्राम धामा से 34 वर्षीय सुशांता मुखी पिता हड़ी मुखी निवासी ग्राम बिचिका थाना मनामुंडा जिला बौद्ध ओडिशा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि वही इस पूरे गांजा तस्करी नेटवर्क का मुख्य सोर्स पॉइंट था और विभिन्न राज्यों में तस्करों को गांजा सप्लाई करता था।न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा किन राज्यों तक इसकी सप्लाई चेन फैली हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी हालत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं एम्बुलेंस जैसी सेवा वाहन का दुरुपयोग सामने आने के बाद पुलिस अब ऐसे वाहनों की भी गहन जांच करने की तैयारी में है।

