छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगल इन दिनों एक दुर्लभ वन्यजीव की वजह से चर्चा में हैं। आमतौर पर काले रंग के दिखने वाले भालुओं के बीच यहां एक सफेद यानी एल्बिनो भालू दिखाई देने से ग्रामीण हैरान हैं। हालांकि इस दुर्लभ भालू की मौजूदगी अब लोगों के लिए डर का कारण भी बनती जा रही है। हाल ही में भालू के हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, आमादांड गांव के आसपास के जंगलों में पिछले कुछ दिनों से सफेद भालू को देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि काले भालुओं के झुंड के बीच यह सफेद भालू अलग ही नजर आता है, जिसके कारण लोग उसे देखने के लिए जंगल की ओर भी पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से जंगलों में अकेले न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
ग्रामीण पर हमले से फैला भय
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सफेद भालू कोई अलग प्रजाति नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “एल्बिनिज्म” नामक दुर्लभ जैविक स्थिति के कारण होता है, जिसमें शरीर में रंग बनाने वाला पिगमेंट कम या पूरी तरह समाप्त हो जाता है। इसी वजह से भालू का रंग काला होने के बजाय सफेद दिखाई देता है। ऐसे भालू बेहद दुर्लभ माने जाते हैं और सामान्य भालुओं की तुलना में कम दिखाई देते हैं।
वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों को दी जा रही चेतावनी
घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जंगल से लगे गांवों में मुनादी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही वन अमला लगातार इलाके में निगरानी कर रहा है ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे भालू को देखने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें, क्योंकि वन्यजीव खुद को खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकते हैं।

