बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम सिधमा में जमीन बंटवारे को लेकर हुए पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्धा की जान चली गई। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना बरियो पुलिस चौकी क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी कुलन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 अप्रैल को वह अपने बेटे और बहू के साथ घर के पास स्थित बाड़ी में मूंगफली की फसल से घास निकालने गया हुआ था। उसी दौरान उसकी पत्नी राजी बाई और नतनी पायल घर पर मौजूद थीं।
जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद
शाम करीब 5 बजे नतनी पायल घबराई हुई दौड़कर आई और बताया कि घर में दादी के साथ मारपीट हो रही है। सूचना मिलते ही कुलन अपने बेटे और बहू के साथ तुरंत घर पहुंचा, जहां उसने देखा कि रिश्तेदारों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ गया था और संजय, उसकी पत्नी परमेश्वरी उर्फ पनेसरी, सरस्वती उर्फ बुधो, राजकुमारी उर्फ जुईया, चैतू और फुलकुंवर सहित कई लोग वृद्धा के साथ मारपीट कर रहे थे।
आरोपी मौके से फरार
परिजनों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि अगले दिन 16 अप्रैल को परिवार जब एक अन्य पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गया हुआ था, तभी उन्हें सूचना मिली कि वृद्धा की तबीयत गंभीर हो गई है। परिजन जब घर पहुंचे तो पाया कि वृद्धा की मृत्यु हो चुकी थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इसे हत्या का मामला मानते हुए आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।
आरोपियों को न्यायालय में किया पेश
पुलिस ने ग्राम सिधमा निवासी संजय मानिकपुरी, परमेश्वरी उर्फ पनेसरी, सरस्वती उर्फ बुधो, राजकुमारी उर्फ जुईया, चैतू मानिकपुरी और फुलकुंवर को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की असली जड़ कितनी पुरानी और गहरी थी।