बागबाहरा के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल खुशरुपाली में एक प्रेरणादायक और आत्मीय आयोजन देखने को मिला, जहां कलेक्टर विनय लंगेह की माता जी की स्मृति में न्योता भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन परोसा गया, जिसमें चावल, दाल, दो प्रकार की सब्जी, खीर, पूरी, जलेबी, सलाद, पापड़ और आचार शामिल थे। कार्यक्रम में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रमता डे उपस्थित रहे। उनके साथ संकुल समन्वयक देवलाल सिन्हा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि अधिकारियों ने न केवल विद्यालय का निरीक्षण किया, बल्कि बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसकर उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। इससे पूरे परिसर में आत्मीयता और अपनत्व का माहौल बना।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की साफ-सफाई की सराहना करते हुए मुस्कान पुस्तकालय, बाल वाटिका, हर्बल गार्डन और रसोई कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए विद्यालय परिवार की प्रशंसा की। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि और पंचगण के साथ शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, दीपक चक्रधारी, बंशी चक्रधारी, ओम चक्रधारी और व्यास साहू कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानपाठक प्रेमचंद डडसेना, शिक्षक धीरज तिवारी, उषा चंद्राकार, प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक जीनाथ बरिहा एवं शिक्षक विष्णु बंजारे ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने सामुदायिक सहभागिता को सराहते हुए बच्चों को आशीर्वचन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, भविष्य के प्रति सजग रहने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों से परीक्षा के अनुभवों पर भी संवाद किया।
कार्यक्रम में कलेक्टर विनय कुमार लहंगे के मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया गया, जिनकी प्रेरणा से इस प्रकार के जनसहभागिता आधारित आयोजन जिले में निरंतर आयोजित हो रहे हैं। अंत में विद्यालय परिवार एवं शाला प्रबंधन समिति द्वारा कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उपस्थित जनों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा जताई।