मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। नौगांव के तिवारी मोहल्ले में एक पिता ने अपने ही दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने की रोंगटे खड़े कर देने वाली कोशिश की। जिस पिता पर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही उनका काल बन बैठा। गनीमत रही कि समय रहते पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ दिया, जिससे बच्चों की जान बचाई जा सकी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से टीकमगढ़ के पलेरा निवासी राघवेंद्र तिवारी छतरपुर रोड पर एक किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। राघवेंद्र नौगांव में अपना नया मकान भी बनवा रहा था। घटना के वक्त उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी। घर पर राघवेंद्र अपने 8 वर्षीय बेटे जय तिवारी और 6 वर्षीय बेटी हर्षामणि तिवारी के साथ अकेला था।
पड़ोसियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
शाम के वक्त जब राघवेंद्र की पत्नी ने उसे फोन किया, तो उसे फोन पर बच्चों के रोने और बचाने के लिए चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। घबराई हुई मां ने तुरंत अनहोनी की आशंका जताई। इसी बीच आसपास के लोगों ने देखा कि राघवेंद्र के बंद कमरे से धुएं का गुबार निकल रहा है।
खतरे को भांपते हुए पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। जब अंदर से दरवाजा नहीं खुला, तो लोगों ने साहस दिखाते हुए दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई; दोनों मासूम गंभीर रूप से घायल और झुलसी हुई अवस्था में पड़े थे।
अस्पताल में भर्ती, सदमे में मासूम
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को तत्काल नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों का इलाज जारी है, लेकिन इस घटना ने उनके कोमल मन पर गहरा आघात किया है। बच्चे इतने डरे हुए हैं कि वे ठीक से कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं।
आरोपी पिता पुलिस की गिरफ्त में
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता राघवेंद्र तिवारी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
गिरफ्तारी: आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया।
पूछताछ: आखिर एक पिता ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, पुलिस इसकी कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
पारिवारिक विवाद: प्रारंभिक जांच में इसे पारिवारिक कलह से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लोग हैरान हैं कि कोई पिता अपने ही बच्चों के साथ इतनी क्रूरता कैसे कर सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है।
