छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। अंबिकापुर के डबरीपानी, नवागढ़ और महामाया पहाड़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्रों में प्रशासन ने 'बुलडोजर एक्शन' शुरू कर दिया है। वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए करीब 157 मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है।
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम सुबह ही दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ये निर्माण पूरी तरह से अवैध थे और सुरक्षित वन क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचा रहे थे।
कुछ ही वर्षों में खड़ा हुआ 'अवैध साम्राज्य'
हैरानी की बात यह है कि डबरीपानी और महामाया पहाड़ जैसे इलाकों में पिछले कुछ वर्षों के भीतर ही सैकड़ों मकानों का जाल बिछ गया था। वन भूमि पर भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों द्वारा किए गए इस बड़े कब्जे की शिकायत भाजपा नेता आलोक दुबे ने की थी। जांच के बाद वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन का दावा है कि बुलडोजर चलाने से पहले सभी कब्जाधारियों को आधिकारिक नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का पर्याप्त समय दिया गया था।
अतिक्रमण के खिलाफ निरंतर अभियान
यह पहली बार नहीं है जब अंबिकापुर में सरकारी जमीनों को मुक्त कराने के लिए बुलडोजर चला है। इससे पहले भी शहर के रिंगबांध क्षेत्र में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान करीब 57 डिसमिल जमीन पर बिना अनुमति के मिट्टी पाटने और जल मार्ग को बाधित करने के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला था।
इस बड़ी कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वन भूमि, जल स्रोतों या सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, मलबे को हटाने और क्षेत्र को सुरक्षित करने का काम जारी है।
