छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध इको-पर्यटन स्थल मनगटा को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हिरण अभ्यारण्य के लिए मशहूर मनगटा के ग्रीन बेल्ट और कृषि क्षेत्र में फैले अवैध साम्राज्य पर बुधवार को जिला प्रशासन का बुलडोजर जमकर गरजा। कलेक्टर जितेंद्र यादव के कड़े रुख के बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने 100 एकड़ से अधिक की बेशकीमती जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
बिना अनुमति काट दिए 'हरे-भरे' प्लॉट
मनगटा को राजनांदगांव जिले का 'फेफड़ा' (ऑक्सीजोन) माना जाता है, जहाँ रोजाना सैकड़ों की तादाद में प्रकृति प्रेमी और पर्यटक पहुँचते हैं। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए जमीन दलालों ने पर्यटन क्षेत्र के आसपास और मुढ़ीपार मार्ग पर गिद्ध दृष्टि डाल दी थी।
भू-माफियाओं ने नियमों को ताक पर रखकर निम्नलिखित गंभीर उल्लंघन किए थे:
बिना डायवर्सन: उपजाऊ कृषि भूमि का बिना किसी वैधानिक डायवर्सन के धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था।
नियमों का उल्लंघन: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) और रेरा (RERA) से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी।
हरियाली को नुकसान: कॉलोनी काटने के नाम पर क्षेत्र की प्राकृतिक हरियाली को नष्ट कर मुरुम की चौड़ी सड़कें, पिलर्स और बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी गई थीं।
भारी पुलिस बल के साथ 'सिंघम' स्टाइल में एक्शन, सड़कें उखाड़ीं
बुधवार की सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल और कई जेसीबी (बुलडोजर) मशीनों के साथ मनगटा पहुंचा, अवैध कब्जाधारियों और दलालों में हड़कंप मच गया। विरोध की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
कार्रवाई का मुख्य आकर्षण: प्रशासन ने सिर्फ निर्माण ही नहीं तोड़े, बल्कि भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए मुरुम से निर्मित की गई चौड़ी सड़कों को जेसीबी से पूरी तरह उखाड़ फेंका, ताकि भविष्य में यहाँ वाहनों की आवाजाही और अवैध खरीद-बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके। इसके अलावा प्लॉटिंग की मार्किंग के लिए बनाए गए पिलर्स, बाउंड्रीवॉल और नींव को जमींदोज कर दिया गया।
ताजा अपडेट: खसरा नंबरों की जांच तेज, नामजद FIR की उल्टी गिनती शुरू
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब प्रशासन बैकफुट पर आने के मूड में नहीं है। मामले में ताजा अपडेट इस प्रकार हैं:
| प्रशासनिक कार्रवाई के मुख्य बिंदु | वर्तमान स्थिति (Status) |
| जमीन का सीमांकन व जांच | तहसीलदार कार्यालय द्वारा 100 एकड़ भूमि के सभी खसरा नंबरों और उनके वास्तविक भू-स्वामियों की कुंडली खंगाली जा रही है। |
| कानूनी कार्रवाई | पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले मुख्य आरोपियों और जमीन दलालों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। |
| प्रशासनिक चेतावनी | कलेक्टर ने दोटूक कहा है कि मनगटा एक बेहद संवेदनशील इको-टूरिज्म ज़ोन है। यहाँ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाला कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा। |
झांसे में न आएं
प्रशासन ने आम नागरिकों और निवेशकों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने कहा है कि मनगटा क्षेत्र में किसी भी दलाल के झांसे में आकर निवेश न करें। बिना रेरा नंबर और वैध क्रेडेंशियल्स के खरीदी गई जमीन पर कभी भी प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है, इसलिए गाढ़ी कमाई फंसाने से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच कर लें।

