महासमुंद जिले के बसना अनुविभाग में सुशासन तिहार के दौरान बुधवार को एक प्रेरणादायी और अनोखी पहल देखने को मिली। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों ने अलग-अलग सरकारी वाहनों के बजाय एक साथ बस में सफर कर ग्राम नगौड़ी पहुंचकर न केवल सादगी का परिचय दिया, बल्कि ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का मजबूत संदेश भी दिया। इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार के.के. साहू तथा जनपद पंचायत सीईओ पीयूष ठाकुर सहित कुल 23 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम सामूहिक रूप से बस में बैठकर सुशासन तिहार शिविर के लिए रवाना हुई।
प्रशासन की यह पहल आम लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई, क्योंकि अक्सर शासकीय कार्यक्रमों में कई वाहनों का उपयोग किया जाता है। बसना प्रशासन की इस सामूहिक यात्रा को केवल एक साधारण सफर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली का उदाहरण बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लगातार संसाधनों के संरक्षण, ईंधन बचत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार की अपील की जाती रही है। प्रशासन ने उसी सोच को धरातल पर उतारते हुए यह पहल की।
कलेक्टर के निर्देशों का दिखा असर
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर विनय लंगेह ने हाल ही में आयोजित समय-सीमा बैठक में सभी विभागों को शासकीय कार्यों में मितव्ययिता बरतने, अनावश्यक खर्च कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। बसना अनुविभाग ने इन निर्देशों का पालन करते हुए सामूहिक बस यात्रा का निर्णय लिया, जिससे सरकारी खर्च में कमी के साथ-साथ ईंधन की भी बचत हुई। अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैकरा ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक यात्रा से ईंधन की बचत होने के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय और टीम भावना भी मजबूत होती है।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस यात्रा को सुखद, उपयोगी और प्रेरणादायी अनुभव बताया। सभी ने भविष्य में भी सुशासन तिहार सहित अन्य सरकारी कार्यक्रमों में सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम
वर्तमान समय में बढ़ते ईंधन संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच बसना प्रशासन की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी विभाग और आम नागरिक इस प्रकार सामूहिक यात्रा और कार पूलिंग को अपनाएं तो ईंधन की बड़ी मात्रा में बचत की जा सकती है और प्रदूषण भी कम होगा।

