शहर के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले घड़ीचौक इलाके से सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय 'राजीव भवन' में गुरुवार की देर रात अज्ञात बदमाशों ने धाबा बोल दिया। चोरों ने न केवल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि कार्यालय की तीनों मंजिलों से लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। जाते-जाते बदमाशों ने दफ्तर की दीवार पर कुछ आपत्तिजनक शब्द भी लिखे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
तीनों मंजिलों के शौचालयों को बनाया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। देर रात दीवार फांदकर घुसे अज्ञात बदमाशों ने भवन की तीनों मंजिलों पर बने महिला एवं पुरुष शौचालयों को निशाना बनाया था।
73 से अधिक स्टील की टोटियां (Tabs) उखाड़ ली गईं।
उखाड़ने के चक्कर में कई जगहों पर पाइपलाइन और फिटिंग्स को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घटना में करीब 1 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है।
दीवार पर लिखा- 'I Love Ambikapur' चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने दुस्साहस दिखाते हुए भवन की ऊपरी मंजिल पर अंग्रेजी में ‘I Love Ambikapur’ लिखा और साथ ही कुछ बेहद आपत्तिजनक व अभद्र शब्द भी लिख दिए, जो किसी बड़ी शरारत या रंजिश की ओर भी इशारा करते हैं।
2 साल में तीसरी बार चोरी
यह पहली बार नहीं है जब राजीव भवन को निशाना बनाया गया है। पिछले दो वर्षों के भीतर इस परिसर में चोरी की यह तीसरी बड़ी वारदात है। हैरान करने वाली बात यह है कि राजीव भवन शहर के जिस इलाके में है, उसे अंबिकापुर का सबसे सुरक्षित जोन माना जाता है। इसके चंद कदमों की दूरी पर ये महत्वपूर्ण कार्यालय हैं:
यातायात पुलिस चौकी
कलेक्टर कार्यालय (कलेक्टोरेट)
पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय
जिला न्यायालय
इतने संवेदनशील इलाके में, जहां 24 घंटे पुलिस की आवाजाही की उम्मीद होती है, वहां चोरों का इस तरह बेखौफ होकर घंटों तोड़फोड़ करना सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती है।
पुलिस की तफ्तीश और CCTV खंगालने की कवायद
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं।
CCTV फुटेज की जांच: पुलिस राजीव भवन और उसके आसपास के चौराहों, कलेक्टोरेट रोड और मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि देर रात संदिग्धों की आवाजाही को ट्रैक किया जा सके।
नशेड़ियों पर शक: पुलिस को अंदेशा है कि यह कृत्य शहर में सक्रिय कबाड़ चोरों या स्मैक व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले असामाजिक तत्वों का हो सकता है। कुछ पुराने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तैयारी चल रही है।
राजनीतिक दलों के दफ्तर सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा
इस घटना को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है। मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रिकालीन गश्त (Night Patrolling) को कटघरे में खड़ा किया है।
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक का बयान: "शहर में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का हौसला सातवें आसमान पर है। पुलिस की रात्रि गश्त सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गई है। जब एसपी और कलेक्टर ऑफिस के बगल में स्थित एक प्रमुख राजनीतिक दल का कार्यालय सुरक्षित नहीं है, तो शहर की आम जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगी? हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।"
इस घटना के बाद से शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। अब देखना होगा कि तमाम वीआईपी दफ्तरों के बीच हुई इस बड़ी चोरी का खुलासा पुलिस कितनी जल्दी कर पाती है।

