मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के सिविल लाइन्स में अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह आईटी पार्क राज्य को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के नए युग में प्रवेश कराएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना है।
100 से अधिक ने जताई सहमति
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आईटी पार्क में वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां कार्यरत हैं, जबकि 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां निवेश और संचालन की सहमति दी है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और त्वरित विकास मॉडल का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
करीब 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आईटी पार्क का निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। इसमें 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।नई उड़ान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग के सिविल लाइन्स में अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य को डिजिटल युग की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्वकर्ता बनाना है। आईआईटी भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से विकसित यह आईटी पार्क स्टार्टअप और तकनीकी विकास का मजबूत केंद्र बनेगा।
40 कंपनियां शुरू कर चुकी हैं संचालन
उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं, जबकि 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में निवेश और संचालन की सहमति दी है। इसे राज्य सरकार की विकासोन्मुख सोच का बड़ा उदाहरण बताया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र पहले से ही शिक्षा और उद्योग का केंद्र रहा है, और अब यह आईटी पार्क इसे डिजिटल हब के रूप में नई पहचान देगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों में पलायन किए बिना रोजगार के अवसर मिलेंगे।डिजिटल अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब केवल कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को मजबूती मिल रही है। आईआईटी भिलाई और शासन के बीच एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया है। करीब 3,900 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित इस आईटी पार्क में 40 कार्यालय कक्ष, 5 बड़े हॉल, मैस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूरे परिसर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया गया है।