नगर पालिक निगम भिलाई में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा की 6 सदस्यीय 'जांच एवं संघर्ष समिति' के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने निगम मुख्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हंगामे की भेंट चढ़ा प्रदर्शन: पार्षद से छीना माइक
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब भाजपा पार्षद संतोष मौर्य निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दाग रहे थे। इसी बीच, उनसे अचानक माइक छीन लिया गया। इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया, जिससे आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता उग्र हो गए और मौके पर ही निगम प्रशासन के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
भाजपा नेताओं ने महापौर नीरज पाल और निगम आयुक्त पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में वित्तीय बंदरबांट जारी है। पार्टी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर घेराव किया:
निधि का दुरुपयोग: शिक्षा उपकर संचित निधि और 1248 भूखंडों की नीलामी से प्राप्त राशि के उपयोग में पारदर्शिता का अभाव।
अवैध ऑक्शन: संजय नगर तालाब के पास स्थित व्यावसायिक भूमि को बिना शासन की अनुमति के नीलाम करने का मुद्दा।
नियमों की अनदेखी: सामान्य सभा में पारित प्रस्तावों के विरुद्ध जाकर मनमाने ढंग से कार्य करना।
बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही जनता
भ्रष्टाचार के साथ-साथ भाजपा ने जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। कई वार्डों में पानी की आपूर्ति ठप है और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जनता टैक्स दे रही है, लेकिन बदले में उन्हें केवल अव्यवस्था और गंदगी मिल रही है।
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी रामजी भारती और जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में शहर के वरिष्ठ नेता और पार्षद एकजुट नजर आए। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निगम प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। पार्टी भिलाई की जनता के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
