प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर अब ग्रामीणों के लिए शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्कि अधिकारों और सुविधाओं तक पहुंच का माध्यम भी बनता जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड सरायपाली के ग्राम गढ़फुलझर में आयोजित समाधान शिविर में 10 पात्र हितग्राहियों को भूस्वामित्व आबादी पट्टा वितरित किया गया, जिससे उनके वर्षों पुराने इंतजार को नई पहचान और अधिकार मिला।
पट्टा मिलने से हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें अपने आवासीय भूमि पर वैधानिक स्वामित्व का अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी। शिविर में सरायपाली से सत्यानंद, रूकमणी और टिकर, मेदनीपुर से बालुमकेश्वर एवं सर्वदमन, छोटेपटनी से जगत और खेमलाल तथा केंवटापाली से जानकी प्रसाद, रामकुमार एवं महेन्द्र को भू स्वामित्व आबादी पट्टा प्रदान किया गया।
ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है
गोड़बहाल जलाशय के मुख्य गेट की मरम्मत
ग्राम पंचायत परसापाली के ग्रामीणों ने समाधान शिविर में गोड़बहाल जलाशय के मुख्य गेट की जर्जर स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने बताया कि जलाशय का मुख्य गेट खराब होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और किसानों को खेती कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा तत्काल संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश प्राप्त होते ही जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अजय खरे एवं टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और प्राथमिकता के आधार पर गोड़बहाल जलाशय के मुख्य गेट का मरम्मत कार्य पूर्ण कराया। गोड़बहाल जलाशय से पोटापारा तथा परसापाली क्षेत्र के कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होती है। मुख्य गेट की मरम्मत होने से अब किसानों को समय पर सिंचाई जल मिल सकेगा, जिससे आगामी खेती कार्यों में सुविधा होगी और फसलों को पर्याप्त पानी मिल पाएगा। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित निराकरण पर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ है, जिससे हम सभी किसान खुश है।

