महासमुंद जिले में किसानों को उन्नत, वैज्ञानिक और लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा विकसित कृषि संकल्प अभियान तेजी से ग्रामीण क्षेत्रों में असर दिखा रहा है। 05 मई से शुरू हुआ यह अभियान 20 मई 2026 तक चलेगा, जिसके तहत निर्धारित ग्राम पंचायतों में शिविरों और कृषि रथ के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की टीम लगातार गांवों में पहुंचकर किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी, फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, उन्नत बीज एवं कृषि यंत्रों के उपयोग के बारे में जागरूक कर रही है।
किसानों तक सीधे पहुंच रही योजनाओं की जानकारी
विकसित कृषि संकल्प यात्रा के तहत चल रहे किसान रथ गांव-गांव पहुंचकर किसानों को सरकारी योजनाओं और तकनीकी नवाचारों से अवगत करा रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीटेक पंजीयन, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित खेती और जैविक खाद के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
किसानों को यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह वे अपनी खेती की लागत कम कर उत्पादन बढ़ा सकते हैं और बाजार में बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
गांवों में बढ़ रही भागीदारी, किसानों में उत्साह
अभियान के दौरान ग्राम मोखापुटका, बानीगिरोला, पासिद, हरनादादर, जलकी, पोटिया, खुटेरी, लोहारकोट, भठोरी सहित कई गांवों में कृषि रथ पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में किसान शिविरों में शामिल हुए और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं और सवालों का समाधान प्राप्त किया।
गांवों में किसानों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि वे अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए तैयार हैं।
वैज्ञानिकों ने दिए खरीफ सीजन के अहम सुझाव
शिविरों में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि फसल चयन से लेकर बीज उपचार, मिट्टी की जांच और उर्वरक के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, दलहन-तिलहन एवं मक्का उत्पादन में वृद्धि के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खेती करने से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
सफल किसानों के अनुभव बने प्रेरणा स्रोत
कार्यक्रमों में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कैसे उन्होंने अपनी आय में वृद्धि की है। इन अनुभवों ने अन्य किसानों को भी उन्नत कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उप संचालक ने दी जानकारी
कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप ने बताया कि यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों को व्यवहारिक रूप से आधुनिक खेती से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कृषि रथ सुशासन शिविरों में भी पहुंचकर किसानों को योजनाओं और तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती करने, कम पानी वाली फसलों को अपनाने और लागत घटाने पर विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है।
20 मई तक जारी रहेगा अभियान
विकसित कृषि संकल्प अभियान 20 मई तक जिले के विभिन्न ग्रामों में जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान इस अभियान से जुड़कर उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाएं और अपनी आय में वृद्धि करें।
