छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रावाभाठा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक घर के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक और देसी बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। यह घटना वार्ड नंबर 13 (रविशंकर शुक्ल वार्ड) की है, जहाँ एक मितानिन के घर में संदिग्ध बैग मिलने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
संदेह ने खोला राज
मामला तब शुरू हुआ जब रावाभाठा निवासी मितानिन पुष्पा साहू के घर बीरगांव का रहने वाला विनय देवांगन एक बैग लेकर पहुँचा। विनय ने पुष्पा से जान-पहचान का फायदा उठाते हुए कहा कि वह कुछ देर के लिए बैग यहाँ रख रहा है और बाद में ले जाएगा। विनय के जाने के बाद पुष्पा को बैग को लेकर संदेह हुआ, जिसकी जानकारी उसने तुरंत वार्ड पार्षद अश्वनी यादव को दी।
अगले दिन सुबह जब पार्षद और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बैग खोला गया, तो सबके होश उड़ गए। बैग के भीतर न केवल एयर गन थी, बल्कि देसी बम तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला घातक सामान भी मौजूद था।
सुरक्षा बलों की तत्काल कार्रवाई
सूचना मिलते ही रायपुर नॉर्थ थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) हरकत में आ गया। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) और बम स्क्वॉड की टीम ने बैग की बारीकी से जांच की। जांच में निम्नलिखित सामग्रियां बरामद हुईं:
बैटरी और बिजली के तार (वायर)
केमिकल से भरी दो बोतलें
डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक उपकरण
एक एयर गन
मौके पर ही नष्ट किया गया विस्फोटक
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेषज्ञों ने निर्णय लिया कि इन सामग्रियों को कहीं और ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। लिहाजा, सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बम स्क्वॉड ने बम बनाने के इन उपकरणों और रसायनों को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अनहोनी न हो।
जांच में जुटी पुलिस
इस घटना के बाद से रावाभाठा इलाके में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस अब मुख्य संदिग्ध विनय देवांगन की तलाश कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विनय के पास यह विस्फोटक कहाँ से आया और उसका इरादा क्या था। क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या इसके पीछे कोई और आपराधिक मंशा थी, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। मितानिन की सूझबूझ की सराहना की जा रही है, क्योंकि उनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
