Thursday, 05 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Diwali Traffic Rules: दिवाली की खरीदारी से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, इंदिरा मार्केट में कार और ऑटो की एंट्री बंद Korba Road Accident: 24 घंटे के भीतर तीन भीषण दुर्घटनाएं, 5 लोगों की दर्दनाक मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल Education News: कांकेर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, नशे में स्कूल पहुंचे प्रधानपाठक निलंबित Chhattisgarh News: घरौंदा केंद्रों की बदहाली उजागर, दिव्यांग को बांधकर रखा, रायपुर में 5 मौतों पर हाई कोर्ट सख्त Crime News: थाना प्रभारी को कुचलने की कोशिश कर फरार हुए तस्कर, 400 किलो गांजा बरामद Raipur Crime News: 4 करोड़ रुपए की मांग और मारपीट का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 पर केस Diwali Traffic Rules: दिवाली की खरीदारी से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, इंदिरा मार्केट में कार और ऑटो की एंट्री बंद Korba Road Accident: 24 घंटे के भीतर तीन भीषण दुर्घटनाएं, 5 लोगों की दर्दनाक मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल Education News: कांकेर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, नशे में स्कूल पहुंचे प्रधानपाठक निलंबित Chhattisgarh News: घरौंदा केंद्रों की बदहाली उजागर, दिव्यांग को बांधकर रखा, रायपुर में 5 मौतों पर हाई कोर्ट सख्त Crime News: थाना प्रभारी को कुचलने की कोशिश कर फरार हुए तस्कर, 400 किलो गांजा बरामद Raipur Crime News: 4 करोड़ रुपए की मांग और मारपीट का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 पर केस
W 𝕏 f
होम › डिजिटल क्रांति : ताहकाडोंड में मोबाइल टावर से टूट…
ताहकाडोंड में लगा मोबाइल टावर
ताहकाडोंड में लगा मोबाइल टावर

डिजिटल क्रांति : ताहकाडोंड में मोबाइल टावर से टूटा नो नेटवर्क का सन्नाटा, गांव सीधे जुड़ा दुनिया से

छत्तीसगढ़ के Chhattisgarh के बस्तर संभाग स्थित Narayanpur district के सुदूर गांव Tahkadonod village में मोबाइल टावर लगने से लंबे समय से चला आ रहा संचार का सन्नाटा खत्म हो गया है। अबूझमाड़ क्षेत्र के इस गांव और आसपास के इलाकों में लोग अब घर बैठे मोबाइल नेटवर्क से जुड़कर आसानी से बातचीत कर पा रहे हैं। पहले जहां फोन करने के लिए पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था, वहीं अब आपातकालीन सेवाएं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच संभव हो गई है। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक अवसरों में बड़ी सुविधा लेकर आया है। कुल मिलाकर यह पहल दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 07 May 2026, 01:31 PM · अपडेट: 07 Oct 2026, 09:29 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का वह हिस्सा, जिसे कभी 'अबूझ' (अनजान) कहा जाता था, अब डिजिटल संकेतों से जुड़कर अपनी नई पहचान लिख रहा है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम ताहकाडोंड में मोबाइल टावर की स्थापना ने सदियों के संचार सन्नाटे को तोड़ दिया है। अब यहाँ के ग्रामीण अपनों से बात करने के लिए पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर नहीं चढ़ते, बल्कि घर बैठे दुनिया से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में संचार क्रांति का यह अध्याय वास्तव में सराहनीय है। 'नो सिग्नल' से सीधे 'कनेक्टिविटी' तक का यह सफर केवल तकनीक का नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का है।
​पहाड़ियों की चढ़ाई से मिली मुक्ति
ग्राम पंचायत मेटानार के आश्रित ग्राम ताहकाडोंड और उसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से 'नो नेटवर्क ज़ोन' में थे। ग्रामीणों के लिए एक फोन कॉल करना किसी चुनौती से कम नहीं था; उन्हें सिग्नल खोजने के लिए ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था या कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक आना पड़ता था। टावर की स्थापना के साथ ही अब ताहकाडोंड, कदेर और ब्रेहबेड़ा जैसे गांवों के लगभग 400 ग्रामीण सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
​विकास की नई जीवनरेखा: आपातकालीन और प्रशासनिक सेवाएँ
​कनेक्टिविटी का यह विस्तार केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन रक्षक भी सिद्ध हो रहा है। ​अब आपात स्थिति में ग्रामीण तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल कर सकते हैं। त्वरित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने और समय पर इलाज मिलने से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और गंभीर बीमारियों के प्रबंधन में मदद मिलेगी।
​इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीण अब ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन घर बैठे कर पा रहे हैं। यह डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम का संकेत है। ​पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस के साथ शासन की योजनाओं की जानकारी अब सीधे हितग्राहियों तक पहुँच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है और कार्यों में तेजी आई है।
​बदलती सामाजिक-आर्थिक तस्वीर
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर की स्थापना शासन की सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल संचार सुविधा है, बल्कि विकास का एक सशक्त माध्यम है।
ताहकाडोंड के ग्रामीणों ने इस पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक नए युग की शुरुआत बताया है। मोबाइल नेटवर्क आने से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों के बाजार और युवाओं के लिए सूचना के नए द्वार भी खुलेंगे। शासन का यह प्रयास सिद्ध करता है कि भौगोलिक बाधाएं अब विकास के आड़े नहीं आएंगी।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें